scorecardresearch
 

वर्ल्ड वॉर-3 की आहट! 48 घंटे में तीन NATO देशों पर ईरान का अटैक, फ्रांस बोला- जिम्मेदार लोगों को...

पिछले 48 घंटों के भीतर ईरान और उसके सहयोगी मिलिशिया गुटों ने सीधे तौर पर तीन NATO सदस्य देशों फ्रांस, इटली और तुर्की के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. इन हमलों ने न केवल क्षेत्रीय तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है, बल्कि उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के इस युद्ध में सीधे तौर पर कूदने की आशंका भी बढ़ा दी है.

Advertisement
X
मिडिल ईस्ट में जंग लगातार जारी है (File Photo- AP)
मिडिल ईस्ट में जंग लगातार जारी है (File Photo- AP)

मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है जहां से विश्व युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है. पिछले 48 घंटों के भीतर ईरान और उसके सहयोगी मिलिशिया गुटों ने सीधे तौर पर तीन NATO सदस्य देशों फ्रांस, इटली और तुर्की के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. इन हमलों ने न केवल क्षेत्रीय तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है, बल्कि उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के इस युद्ध में सीधे तौर पर कूदने की आशंका भी बढ़ा दी है.

जानकारी के मुताबिक, इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में स्थित सैन्य ठिकानों और तुर्की के एक अहम एयरबेस को मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया. इन घटनाओं के बाद NATO देशों की चिंता बढ़ गई है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

इरबिल में फ्रांसीसी सैनिक की मौत

सबसे गंभीर घटना इराक के इरबिल के पास हुई, जहां ईरान समर्थित मिलिशिया के ड्रोन हमले में फ्रांस के एक सैनिक की मौत हो गई. फ्रांसीसी सेना के अनुसार, इरबिल से करीब 40 किलोमीटर दूर एक प्रशिक्षण केंद्र में सैनिक कुर्द बलों को ISIS के खिलाफ लड़ाई का प्रशिक्षण दे रहे थे. इसी दौरान ड्रोन हमला हुआ.

इस हमले में फ्रांसीसी सेना के अधिकारी अर्नो फ्रेयन की मौत हो गई, जबकि कम से कम छह अन्य सैनिक घायल बताए जा रहे हैं. घटना के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहे सैनिकों पर हमला अस्वीकार्य है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा.

Advertisement

इटली के सैन्य ठिकाने पर भी हमला

इसी दौरान इराक के इरबिल में ही एक अन्य सैन्य ठिकाने को भी निशाना बनाया गया, जहां इटली के सैनिक तैनात हैं. मिसाइल हमले में बेस के आसपास विस्फोट हुआ, हालांकि शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है. सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह हमला भी ईरान समर्थित गुटों द्वारा किया गया माना जा रहा है. इस हमले ने इराक में तैनात NATO देशों की सेनाओं के लिए खतरे की घंटी बजा दी है.

तुर्की के इन्किर्लिक एयर बेस पर मिसाइल

तीसरा हमला तुर्की के प्रसिद्ध इन्किर्लिक एयर बेस पर किया गया. यह बेस NATO के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां अमेरिकी व सहयोगी सेनाओं की मौजूदगी रहती है. रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की ओर से दागी गई मिसाइल को NATO की हवाई सुरक्षा प्रणाली ने हवा में ही रोक लिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया. हालांकि इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया है.

इसी बीच युद्ध के दौरान अमेरिकी सैन्य विमानों से जुड़ी घटनाएं भी सामने आई हैं. एक अमेरिकी कार्गो विमान ने इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग की. विमान की टेल क्षतिग्रस्त दिखाई दी, हालांकि इसके कारणों और विमान में मौजूद कार्गो के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. अमेरिकी सेना के एक बोइंग KC-135 स्ट्रैटोटैंकर विमान के पश्चिमी इराक में क्रैश होने की पुष्टि हुई है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार इस विमान में सवार छह लोगों में से चार की मौत हो चुकी है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है.

Advertisement

अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि यह दुर्घटना दुश्मन की फायरिंग का नतीजा नहीं थी. हालांकि इराक में सक्रिय ईरान समर्थित गुटों ने दावा किया था कि उन्होंने अमेरिकी विमान को मार गिराया है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement