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नौसेना ने होरमुज़ जलडमरूमध्य में संभाला मोर्चा, एस्कॉर्ट कर पार कराए भारतीय पोत

नौसेना ने भारत का झंडा लगे जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पिछले सप्ताह से अपने पोत चेन्नई और सुनैना को गल्फ ऑफ ओमान और परसियन गल्फ में तैनात किया है.

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भारतीय जहाज पर सवार होकर उसे पार कराते नेवी के जवान
भारतीय जहाज पर सवार होकर उसे पार कराते नेवी के जवान

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी के बीच होरमुज़ जलडमरूमध्य इलाके में तेल टैंकरों पर हुए हमलों से सतर्क भारतीय नौसेना ने भारतीय तेल टैंकरों को इस इलाके से सुरक्षित पार कराने की जिम्मेदारी उठा ली है. नौसेना के जवानों ने मंगलवार को पांच भारतीय टैंकर खतरनाक इलाके से पार कराया.

जवानों ने नेवी द्वारा शुरू किए गए मिशन संकल्प के तहत इन जहाजों पर सवार होकर खतरनाक इलाके से सुरक्षित पार कराया. नौसेना के सूत्रों ने बताया कि हमारा लक्ष्य भारतीय मालवाहक जहाजों को इस इलाके से सुरक्षित पार कराना है. लेकिन ऐसा मालवाहक पोतों की सहमति से ही किया जाएगा. गौरतलब है कि नौसेना ने भारत का झंडा लगे जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पिछले सप्ताह से अपने पोत चेन्नई और सुनैना को गल्फ ऑफ ओमान और पर्शियन गल्फ में तैनात किया है.

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इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर भी कर रहा निगरानी

नौसेना इस इलाके की हवाई निगरानी भी कर रही है. इलाके में पोतों के आवागमन पर एयरक्राफ्ट के माध्यम से नजर रखी जा रही है और पिछले वर्ष (2018) के दिसंबर में गुरुग्राम में लांच Information Fusion Centre-Indian Ocean Region (IFC-IOR) भी करीबी नजर रखे हुए है.

दो तेल टैंकरों में हुआ था ब्लास्ट

होरमुज़ जलडमरूमध्य इलाके में पिछले दिनों दो जहाजों में विस्फोट हुआ था. अमेरिका ने इसके लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि ईरान ने ही जहाजों पर हमला किया और गल्फ ऑफ ओमान में अपनी नेवी को तैनात कर दिया था. अमेरिका को सउदी अरब का भी साथ मिला. वहीं तमाम प्रतिबंध झेल रहे ईरान ने आरोपों को खारिज किया था. ईरान ने कहा था कि इस क्षेत्र में पोत की सुरक्षा उसकी जिम्मेदारी है. उसके सैनिकों ने पोत के चालक दल के सदस्यों को बचाने में तत्परता दिखाई थी.

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