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कुवैत एयरपोर्ट पर हमला, ईरान में इजरायली अटैक, अबू-धाबी में 5 भारतीय जख्मी... जंग के अपडेट

खाड़ी क्षेत्र में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जहां ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए कुवैत, ओमान और यूएई के अहम ठिकानों को निशाना बनाया. अबू धाबी में मलबा गिरने से भारतीय नागरिक घायल हुए, जबकि इजरायल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए.

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कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फ्यूल डिपो पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद उठता धुआं. (Photo: AFP)
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फ्यूल डिपो पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद उठता धुआं. (Photo: AFP)

अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने से जारी युद्ध कारण पूरा मिडिल-ईस्ट तनाव के दौर से गुजर रहा है. ईरान ने शनिवार को खाड़ी देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों का सिलसिला और बढ़ दिया. कुवैत, ओमान और यूएई में ईरान ने अहम बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया, जबकि सऊदी अरब में सैन्य ठिकाने पर उसके मिसाइल हमले में 12 अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की खबर है. 

इराक के मजनून ऑयल फील्ड में शनिवार को एक ईरानी ड्रोन गिरा, हालांकि वह फटा नहीं. कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरान की ओर से कई ड्रोन हमले हुए, जिससे रडार सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा. इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ. ओमान के सलालाह पोर्ट पर ईरानी ड्रोन हमले में एक कर्मचारी घायल हुआ और एक क्रेन क्षतिग्रस्त हो गई. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि यह हमला एक अमेरिकी सपोर्ट वेसल को निशाना बनाकर किया गया था.

अबू धाबी में एक ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट करने के बाद गिरे मलबे से तीन जगह आग लग गई, जिसमें छह लोग घायल हुए. खलीफा इकोनॉमिक जोन्स अबू धाबी (KEZAD) के पास लगी आग की घटना में पांच भारतीय नागरिक भी घायल हुए. इसी बीच इजरायल ने ईरान के अराक स्थित खंडाब हेवी वाटर रिएक्टर और अर्दकान के यूरेनियम एनरिचमेंट प्लांट पर हमले किए.

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ईरानी परमाणु ठिकानों पर इजरायली हमले

आईडीएफ के मुताबिक 50 से ज्यादा फाइटर जेट्स ने एक साथ कई ठिकानों को निशाना बनाया. अर्दकान प्लांट में ‘येलोकेक’ का उत्पादन होता है, जो परमाणु ईंधन बनाने की शुरुआती प्रक्रिया में इस्तेमाल होता है. ईरान के बुशेहर न्यूक्लियर प्लांट पर भी मिसाइल गिरने की खबर है, हालांकि किसी तरह का नुकसान या रेडिएशन लीक नहीं हुआ. ईरानी अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.

आईडीएफ ने यह भी दावा किया कि हमलों में ईरान की डिफेंस इडस्ट्री, रक्षा मंत्रालय से जुड़े ठिकानों, बैलिस्टिक मिसाइल और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम के निर्माण केंद्रों को निशाना बनाया गया. अराक शहर के लोगों को इजरायल ने हमले से पहले इलाका खाली करने की चेतावनी दी थी. ईरानी मीडिया ने अर्दकान के येलोकेक प्लांट पर हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि कोई रेडियोएक्टिव लीक नहीं हुआ. वहीं, इजरायल ने एक केमिकल वेपन्स रिसर्च फैसिलिटी को निशाना बनाने का भी दावा किया है.

हमलों के बाद IRGC ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वह उन औद्योगिक कंपनियों पर जवाबी कार्रवाई करेगा जिनके अमेरिका के साथ संबंध हैं या जो इजरायल से जुड़ी हैं. साथ ही ऐसे प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को तुरंत वहां से हटने की सलाह दी गई है. यूएई के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से दागी गई क्रूज मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट किया. अधिकारियों ने कहा कि हालात काबू में हैं और लोगों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें.

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