मिस्र, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, तुर्की, पाकिस्तान और इंडोनेशिया समेत नौ देशों ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा प्लान को इजरायल द्वारा ठुकराए जाने की कड़ी निंदा की. इन देशों ने चेतावनी दी कि इजरायल का यह कदम गाजा युद्ध को खत्म करने की कोशिशों को कमजोर कर सकता है.
एक संयुक्त बयान में इन देशों ने इजरायल के इस रुख की आलोचना करते हुए कहा कि इससे ट्रंप की उन तेज कोशिशों को नुकसान पहुंच सकता है जो गाजा में जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए की जा रही हैं. यह बयान पांच अरब देशों के साथ तुर्की, पाकिस्तान और इंडोनेशिया ने मिलकर जारी किया है. इनमें मिस्र, कतर, सऊदी अरब और यूएई शामिल हैं, जिन्होंने तुर्की, पाकिस्तान और इंडोनेशिया के साथ मिलकर गाजा प्लान पर इजरायल के रुख का विरोध किया है.
यह संयुक्त निंदा ऐसे समय में आई है जब गाजा संघर्ष को लेकर कूटनीतिक कोशिशें अब भी जारी हैं. इन देशों का कहना है कि ट्रंप के प्रस्ताव को इजरायल द्वारा ठुकराया जाना युद्ध खत्म करने की कोशिशों के लिए खतरा बन सकता है. बयान में साफ कहा गया है कि इजरायल के इनकार से राष्ट्रपति ट्रंप की उन तेज कोशिशों को झटका लग सकता है, जो वह गाजा युद्ध रोकने के लिए कर रहे हैं.
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इन सभी देशों ने संघर्ष को खत्म करने के लिए जारी कोशिशों का पूरा समर्थन किया है और अपने बयान में इजरायल के रुख पर अपना विरोध साफ तौर पर दर्ज कराया है. इस संयुक्त पहल में कई अहम अरब देश और तुर्की, पाकिस्तान तथा इंडोनेशिया एक साथ आए हैं, जो इजरायल के रुख पर उनकी साझा प्रतिक्रिया दिखाता है. बयान में इन देशों की स्थिति से जुड़ी और भी जानकारी दी गई है.