अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने न्यूयॉर्क समेत कैलिफोर्निया, कोलोराडो, इलिनॉय और मिनेसोटा को मिलने वाले 10 अरब डॉलर से अधिक के फेडरल चाइल्डकेयर और पारिवारिक सहायता फंड को फ्रीज कर दिया है. स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग (HHS) ने यह जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम कथित धोखाधड़ी और फंड के दुरुपयोग से जुड़ी चिंताओं के चलते उठाया गया है.
जोहरान ममदानी हाल ही में न्यूयॉर्क के मेयर बने हैं और उनकी तरफ से ट्रंप के इस फैसले पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. HHS के मुताबिक, न्यूयॉर्क समेत पांचों राज्यों को सूचित कर दिया गया है कि तीन प्रमुख योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि पर फिलहाल रोक रहेगी.
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इनमें 2.4 अरब डॉलर का "चाइल्ड केयर एंड डेवलपमेंट फंड", 7.35 अरब डॉलर का "टेम्परेरी असिस्टेंस फॉर नीडी फैमिलीज" और 86.9 करोड़ डॉलर का "सोशल सर्विसेज ब्लॉक ग्रांट" शामिल है. विभाग ने साफ किया है कि आगे की समीक्षा पूरी होने तक इन फंड्स तक राज्यों की पहुंच सीमित रहेगी.
ट्रंप प्रशासन पहले भी डेमोक्रेट शासित राज्यों और संस्थानों के खिलाफ फंड कटौती की चेतावनी देता रहा है. इसमें कथित वित्तीय गड़बड़ियों के अलावा विविधता कार्यक्रमों और गाजा में इजरायल की कार्रवाई के खिलाफ हुए प्रो-पैलेस्टीन विश्वविद्यालयी प्रदर्शनों को भी आधार बनाया गया है.
'बच्चों को राजनीति में घसीटना...'
इस फैसले को लेकर डेमोक्रेट नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने कहा कि "बच्चों को राजनीतिक लड़ाई का मोहरा नहीं बनाया जाना चाहिए." उन्होंने इस कदम को "बदले की भावना से भरा" और "क्रूर" बताया. वहीं इलिनॉय के गवर्नर जेबी प्रिट्जकर ने भी इसे "गलत और अमानवीय" करार दिया.
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कैलिफोर्निया के गवर्नर ने ट्रंप को दिया जवाब
कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूजम के कार्यालय ने दावा किया कि न्यूजम ने सत्ता में आने के बाद 125 अरब डॉलर से ज्यादा की धोखाधड़ी को रोका है. दूसरी ओर, हाल के हफ्तों में ट्रंप प्रशासन ने मिनेसोटा को खास तौर पर निशाने पर लिया है और वहां प्रवासियों द्वारा वेलफेयर और सोशल योजनाओं में कथित बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है.
मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन धोखाधड़ी की जांच को बहाना बनाकर प्रवासियों और अपने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रहा है.