बांग्लादेश में इस्लाम के खिलाफ लिखने वाले लेखकों पर एक के बाद एक हो रहे जानलेवा हमलों के बाद ने अमेरिका में पनाह ले ली है.
अमेरिकी एनजीओ 'सेंटर फॉर इंक्वॉयरी' की मदद से तसलीमा 27 मई को न्यूयॉर्क पहुंची. उनकी मदद के लिए एक भी तैयार किया गया है. इस फंड के पैसों से वो अपने रहने-खाने और सुरक्षा का इंतजाम कर सकती हैं. इसके अलावा एनजीओ लोगों से इस फंड में दान करने की भी अपील करेगा.
गौरतलब है कि फरवरी 2015 से लेकर अब तक कर दी गई है. , और अनंत बिजोय दास की हत्या के पीछे अल कायदा का हाथ था. खुद आतंकी संगठन ने वीडियो जारी कर इसकी जिम्मेदारी ली थी.