ईरान और अमेरिका-इजरायल की जंग के बीच चीन के तीन तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरे हैं. बीजिंग ने इस दौरान संबंधित पक्षों के सहयोग के लिए आभार जताया, हालांकि उसने किसी देश का नाम नहीं लिया है. यह बयान ऐसे समय आया है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है. इसके साथ ही ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है.
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को कहा कि संबंधित पक्षों के साथ तालमेल के बाद तीन चीनी तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं. इसके लिए संबंधित पक्षों की सहायता के लिए चीन ने आभार जताया है. ईरान खाड़ी से होकर होर्मुज स्ट्रेट पार करने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही को नियंत्रित कर रहा है.
ऐसे में चीन का यह बयान कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपनी संप्रभुता को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने की मांग कर रहा है. वहीं होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार के लिहाज से बेहद अहम समुद्री रास्ता है. चीन ने इस मौके पर खाड़ी क्षेत्र में शांति और स्थिरता की जरूरत पर भी जोर दिया.
माओ निंग ने कहा कि चीन सभी पक्षों से जंग रोकने का अनुरोध कर रहा है. यह पहली बार है जब चीन ने सार्वजनिक रूप से यह जानकारी दी है कि उसके जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे हैं. इसमें खास बात यह है कि चीन वर्षों से अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरान से तेल आयात करता रहा है. ईरान और चीन के बीच रणनीतिक संबंध मजबूत हैं.
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का मुद्दा पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच होने वाली बैठक में उठाया जाएगा. इशाक डार मंगलवार को चीन की यात्रा पर जा रहे हैं. उम्मीद है कि वो तुर्की, मिस्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों के साथ हुई हालिया बैठक की जानकारी वांग यी को देंगे.
इस बैठक का उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को आगे बढ़ाना था, ताकि संघर्ष को खत्म किया जा सके. पाकिस्तानी विदेश मंत्री की यात्रा को लेकर माओ निंग ने कहा कि चीन और पाकिस्तान एक रणनीतिक साझेदार हैं. उनके बीच आपसी विश्वास और सहयोग गहरा है. दोनों देश अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर समान सोच रखते हैं.
चीन का कहना है कि वो पाकिस्तान के साथ लगातार संपर्क में है. माना जा रहा है कि दोनों विदेश मंत्री ईरान की स्थिति समेत कई अहम मुद्दों पर अपनी रणनीतिक बातचीत करेंगे. चीन ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह इस पूरे संकट के बीच सैन्य कार्रवाइयों को रोकने के पक्ष में है. अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों की चीन पहले ही निंदा कर चुका है.
इसी बीच, चीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 14-15 मई को प्रस्तावित यात्रा की भी तैयारी कर रहा है. इस दौरान दोनों देशों के बीच एक बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद जताई जा रही है. ऐसे में होर्मुज स्ट्रेट से चीनी जहाजों का सुरक्षित गुजरना वैश्विक ऊर्जा संतुलन के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है.