आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की मदद के लिए उसका 'सदाबहार' दोस्त चीन आगे आया है. चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी ने शुक्रवार को पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात की. इस दौरान चीन ने पाकिस्तान की हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया.
वांग यी पाकिस्तान के चार दिवसीय दौरे पर हैं. यह उनका पाकिस्तान का पहला दौरा है. पाकिस्तान पहुंचे वांग ने मुनीर से बातचीत में कहा कि चीन, पाकिस्तान की संप्रभुता, उसकी स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा के लिए उसका समर्थन करना जारी रखेगा. इतना ही नहीं हम पाकिस्तान में स्थिरता बहाली और विकास एवं समृद्धि लाने में उसकी मदद करेंगे.
वांग यी ने कहा कि हम चीन के प्रति पाकिस्तान की मैत्रीपूर्ण नीतियों को लेकर वहां की सरकारों और राजनीतिक दलों की सराहना करते हैं.
बता दें कि वांग यी इससे पहले चीन के विदेश मंत्री रह चुके हैं. लेकिन बाद में उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के विदेश मामलों के आयोग का निदेशक बना दिया गया था.
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चीन के पीएम ने की थी शहबाज से बात
इससे पहले चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने गुरुवार को अपने पाकिस्तानी समकक्ष शहबाज शरीफ से फोन पर बात की थी. शरीफ से बातचीत के दौरान कियांग ने आर्थिक संकट में फंसे पाकिस्तान की मदद करने की बात कही थी. उन्होंने उम्मीद जताई थी कि पाकिस्तान अपने देश में चीन के संस्थानों और कर्मियों की सुरक्षा की गांरटी देने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करेंगे.
महंगाई दर 40 फीसदी पार
पाकिस्तान IMF फंडिंग हालिस करने के लिए तमाम उपाय कर रहा है. इनमें करों को बढ़ाना, सब्सिडी को हटाना समेत अन्य शामिल हैं. पाकिस्तान में महंगाई की मार को देखें तो मुद्रास्फीति दर 40% के पार पहुंच चुकी है और लोगों की थाली से रोटी-दाल-चावल गायब होते जा रहे हैं. गैस से लेकर पेट्रोल-डीजल तक के दाम आसमान पर पहुंच चुके हैं. संकट से घिरे देश में जरूरी सामानों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बाद 23 फरवरी को समाप्त सप्ताह के लिए साल-दर-साल आधार पर 41.54% की वृद्धि के साथ मुद्रास्फीति में एक नया हाई लेवल छुआ.
जनता से लेकर सेना तक प्रभावित
सरकार की ओर से देश का खजाना बचाने के लिए जो कम उठाए गए हैं, उनके आम जनता, सरकारी कर्मचारी से रईस लोगों से लेकर पाकिस्तान की सेना तक प्रभावित हुई है. सेना आपूर्ति में कटौती के चलते कथित तौर पर मेस में भोजन की कमी का सामना कर रही है. शहबाज शरीफ सरकार ने विदेशी मिशनों की संख्या में कटौती के साथ ही कार्यालयों और कर्मचारियों की संख्या घटाने के आदेश भी दिए हैं.