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'इंजीनियर हैं इंजीनियर' 12वीं पास तारिक रहमान को ऐसे क्यों ट्रोल कर रहे बांग्लादेशी

जमात गठबंधन जुलाई चार्टर को दरकिनार किए जाने पर विरोध प्रदर्शन की धमकी देने के साथ-साथ बीएनपी प्रमुख पर जनादेश चोरी करने का आरोप भी लगा रहा है. जमात गठबंधन और एनसीपी के कई नेताओं ने आरोप लगाया कि तारिक रहमान ने चुनाव परिणामों में हेरफेर की.

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जमात और एनसीपी तारिक रहमान को इंजीनियर क्यों कह रही. (Photo: Facebook)
जमात और एनसीपी तारिक रहमान को इंजीनियर क्यों कह रही. (Photo: Facebook)

बांग्लादेश के आम चुनाव में बीएनपी की प्रचंड जीत के बाद बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी की अगुवाई वाले गठबंधन ने तारिक रहमान को एक नया नाम दिया है, इंजीनियर. 

लेकिन जमात से पहले एनसीपी नेता नसीरुद्दीन पटवारी ने सबसे पहले तारिक रहमान को फेसबुक पर इंजीनियर कहकर संबोधित किया था. पटवारी बीएनपी के वरिष्ठ नेता मिर्जा अब्बास को भी चंदाबाज कह चुके हैं. एनसीपी दरअसल शेख हसीना विरोधी आंदोलन से ही उपजी पार्टी है, जो जमात की अगुवाई वाले गठबंधन का हिस्सा है. 

जमात गठबंधन जुलाई चार्टर को दरकिनार किए जाने पर विरोध प्रदर्शन की धमकी देने के साथ-साथ बीएनपी प्रमुख पर जनादेश चोरी करने का आरोप भी लगा रहा है. जमात गठबंधन और एनसीपी के कई नेताओं ने आरोप लगाया कि तारिक रहमान ने चुनाव परिणामों में हेरफेर (इंजीनियरिंग) की है.

दरअसल 12 फरवरी को हुए बांग्लादेश के राष्ट्रीय चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली और नतीजों में हेरफेर की खबरें सामने आई हैं. इन आरोपों और तारिक रहमान के नामकरण के बाद एनसीपी और जमात से जुड़े लोगों ने सोशल मीडिया पर मीम बनाने शुरू कर दिए. कुछ लोगों ने एआई से बनाई गई तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए हैं, जिनमें तारिक रहमान इंजीनियर की हेलमेट पहने नजर आ रहे हैं. 17 फरवरी को कुछ लोगों ने उन्हें इंजीनियर कहकर बधाई भी दी.

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एक फेसबुक यूजर आमिर हुसैन रॉबिन ने पोस्ट कर कहा कि लंदन से इंजीनियर बनके आए हैं. यह व्यंग्यात्मक टिप्पणी इस ओर इशारा करती है कि चुनावों में इंजीनियरिंग यानी हेरफेर का कौशल वो लंदन से लेकर आए हैं, जहां तारिक रहमान 17 साल के निर्वासन के दौरान रह रहे थे.

एक अन्य फेसबुक यूजर मकसुदा अख्तर ने कहा कि यह शख्स बिना शैक्षणिक योग्यता के इंजीनियर बन गया. यह व्यंग्य बीएनपी नेता की शैक्षणिक योग्यता पर भी निशाना साधता है.

द टेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, तारिक रहमान के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी शैक्षणिक योग्यता हायर सेकेंडरी है. उन्होंने अपने हलफनामे में उच्च माध्यमिक स्तर की शिक्षा का उल्लेख किया है. एक यूजर ने तारिक रहमान की इंजीनियर हेलमेट वाली AI तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा- द मैन, द मिथ, द लीजेंड, द इंजीनियर.

बता दें कि चुनावी इंजीनियरिंग के आरोपों के साथ-साथ जमात गुट ने यह भी आरोप लगाया कि बीएनपी ने हिंसा, दमन, हत्या और बलात्कार का सहारा लेकर परिणाम अपने पक्ष में किए. इन आरोपों के बीच जमात-नेतृत्व वाले गठबंधन ने 32 निर्वाचन क्षेत्रों के परिणामों को चुनौती देते हुए चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायतें भी दर्ज कराई हैं.

चुनावी ‘इंजीनियरिंग’ के आरोपों पर तारिक रहमान ने क्या कहा?

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चुनाव परिणाम घोषित होने और धांधली के आरोप सामने आने के बाद 14 फरवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पत्रकार ने तारिक रहमान से पूछा कि क्या उन्होंने 200 से अधिक सीटें जीतने के लिए किसी तरह की धांधली की?

इस सवाल पर उनके बगल में बैठे बीएनपी नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने असहमति में सिर हिलाया, लेकिन बीएनपी प्रमुख ने शांत स्वर में जवाब दिया कि उनकी एकमात्र इंजीनियरिंग लोगों को अपने पक्ष में मतदान के लिए मनाना था.

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बीएनपी नेता के इस जवाब को रिपोस्ट करते हुए आरिफ अरमान नाम के एक शख्स ने फेसबुक पर लिखा कि इंजीनियर तारिक रहमान ने छक्का मार दिया!

एनसीपी नेता आसिफ महमूद ने कहा कि उनके पास 11 दलीय गठबंधन के शीर्ष उम्मीदवारों को हराने के उद्देश्य से नतीजों में छेड़छाड़ के स्पष्ट सबूत हैं. महमूद ने दावा किया कि ढाका-13, ढाका-15, ढाका-17, ढाका-19 और ढाका-11 सीटों पर उन्हें गड़बड़ी का पता चला है. उनका कहना है कि मतगणना पूरी होने से पहले ही विजेताओं की घोषणा कर दी गई और इस तरह परिणाम से छेड़छाड़ की गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीएनपी ने मतदान केंद्रों के आंकड़ों में हेरफेर किया.

इन आरोपों का समर्थन जमात-ए-इस्लामी के अमीर शफीकुर रहमान ने भी किया. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मतदान तो निष्पक्ष था, लेकिन मतगणना के दौरान अनियमितताओं और हेरफेर के जरिए परिणाम बदले गए.

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उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत-हार स्वाभाविक है और अगर वह सामान्य रूप से हो तो लोग स्वीकार करते हैं लेकिन अगर बड़े पैमाने पर भेदभाव या अनियमितता हो, तो सवाल उठना स्वाभाविक है.

ढाका-8 सीट से बीएनपी नेता मिर्जा अब्बास से हारने वाले नसीरुद्दीन पटवारी ने ही सबसे पहले तारिक रहमान के लिए इंजीनियर शब्द का इस्तेमाल किया था. उन्होंने 14 फरवरी को फेसबुक पोस्ट कर कहा कि बधाई हो! इंजीनियर तारिक रहमान. 13वें राष्ट्रीय चुनाव इंजीनियरिंग बैच में आपकी सफलता पर बधाई.

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जमात गुट के और नेता बीएनपी और तारिक पर हमलावर

15 फरवरी को जमात के सहायक महासचिव अहसानुल महबूब जुबैर ने कहा कि जमात और 11 दलीय गठबंधन के उम्मीदवारों को हराने के लिए चुनाव परिणाम जानबूझकर बदले गए. उन्होंने यहां तक दावा किया कि बांग्लादेश चुनाव आयोग के भीतर के अधिकारी भी इस कथित धांधली में शामिल थे.

जमात के एक अन्य सहायक महासचिव हमीदुर रहमान आजाद ने कहा कि चुनावों में हेरफेर के कारण कई सीटें मामूली अंतर से हारी गईं या संदिग्ध जीत दर्ज की गई.

नामकरण और तंज का यह सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है. एनसीपी और जमात लगातार तारिक रहमान पर आरोपों का दबाव बनाए हुए हैं, जिनमें जुलाई चार्टर जनमत संग्रह को किनारे किए जाने का मुद्दा भी शामिल है. लेकिन बांग्लादेश में बहुत से लोग शायद यह भूल रहे हैं कि चुनावों के असली इंजीनियर तारिक रहमान नहीं, बल्कि बांग्लादेश के पूर्व मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस थे, जिन्होंने देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों में से एक आवामी लीग को चुनाव से बाहर रखकर मतदान कराया और फिर भी पश्चिमी देशों से इसे समावेशी होने की मंजूरी दिलाई.

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रिपोर्ट: Shounak Sanyal
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