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बांग्लादेश चुनाव में हार से बौखलाई जमात-ए-इस्लामी पार्टी, भारत को दी थी धमकी

बांग्लादेश चुनाव में हार मिलने के बाद वहां की विपक्षी पार्टी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. जमात-ए-इस्लामी पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया में छेड़छाड़ और गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं. पार्टी का कहना है कि वो चुनाव के नतीजों से जुड़ी प्रक्रिया से खुश नहीं है.

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जमात-ए-इस्लामी गठबंधन ने चुनाव में छेड़छाड़ का दावा किया है. (Photo- ITG)
जमात-ए-इस्लामी गठबंधन ने चुनाव में छेड़छाड़ का दावा किया है. (Photo- ITG)

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को बांग्लादेश के आम चुनावों में बहुमत मिलने के बाद विपक्षी जमात-ए-इस्लामी पार्टी ने कहा है कि वो नतीजों से खुश नहीं है. जमात ने कहा है कि नतीजों में ईमानदारी नहीं बरती गई है.

जमात ने अपने बयान में कहा, '11-दलीय गठबंधन के प्रत्याशियों की बेहद करीब मुकाबले और संदेहास्पद हार के साथ-साथ अनौपचारिक नतीजों में बार-बार होतीं गड़बड़ियां चुनावी पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करती हैं. चुनाव आयोग का समय पर मतदान प्रतिशत न जारी करना और प्रशासन के एक हिस्से का सत्ताधारी दल के प्रति पक्षपाती रवैया पूरी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को संदेह के घेरे में लाता है.'

जमात ने इस दौरान अपने समर्थकों से धैर्य बनाए रखने और 11-दलीय गठबंधन के ऑफिशियल प्रोग्राम का इंतजार करने की अपील की है.

इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी एंटी-इंडिया रुख काफी मुखर रहा है. चुनावों से पहले जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख डॉ. शफीकुर रहमान ने 8 फरवरी को 'ढाका ट्रिब्यून' से बात करते हुए कहा था, 12 फरवरी को जनता उन लोगों को रेड कार्ड दिखाएगी जो दूसरों के दबदबे के गुलाम बने हुए हैं. 

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उनके इस बयान को भारत के लिए अप्रत्यक्ष संदेश माना गया था. 

भारत को दी थी धमकी

जमात की सहयोगी और बांग्लादेश में शेख हसीना का तख्तापलट करने वाली नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP), जिसे स्टूडेंट लीडर्स ने बनाया था, उसने भी 2024 में हसीना के खिलाफ बगावत के दौरान भारत विरोधी रुख दिखाया था.

इसके लीडर हसनत अब्दुल्ला ने कथित तौर पर चेतावनी दी थी, 'अगर बांग्लादेश को अस्थिर किया गया तो विरोध की आग सीमाओं से आगे तक फैल जाएगी. क्योंकि आप हमें अस्थिर करने वालों को पनाह दे रहे हैं इसलिए हम सेवन सिस्टर्स के अलगाववादियों को भी पनाह देंगे.'

पिछले साल कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी के आदर्शों को मानते हुए एक और नेता ने कहा था, 'हम भारत विरोधी नहीं हैं. हम भारतीय दबदबे के खिलाफ हैं.'

क्या है जमात की विदेश नीति

जमात इस्लामिक झुकाव वाली पार्टी रही है जो शेख हसीना के जाने के बाद से ही बांग्लादेश के दुश्मन पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों को आगे बढ़ा रहा है. अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर जमात पर प्रभाव है और इस वजह से बांग्लादेश पाकिस्तान के करीब जाता दिखा.

पाकिस्तान के साथ व्यापार को शुरू किया गया, डायरेक्ट उड़ानें शुरू हुईं. साल की शुरुआत में पाकिस्तान और बांग्लादेश के एयरफोर्स चीफ मिले थे जिसमें बांग्लादेश ने पाकिस्तान से JF-17 फाइटर जेट खरीदने पर बात की थी.

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जमात की विचारधारा हमेशा से भारत विरोधी रही है. 2024 के बाद से हुए विरोध-प्रदर्शनों में भारत विरोधी नारे लगाए गए हैं.

हालांकि, हाल के दिनों में जमात के बयानों में भारत-विरोधी रुख में थोड़ी नरमी आई है. चुनाव से पहले 9 फरवरी को जमात प्रमुख डॉ. शफीकुर रहमान ने सभी देशों के साथ बराबर और सम्मानजनक रिश्ते बनाए रखने पर जोर दिया था.

उन्होंने देश के हित, संप्रभुता और विकास को प्राथमिकता देने और क्लाइमेट चेंज जैसी ग्लोबल चुनौतियों पर एक्टिव रूप से काम करने के जमात की प्रतिबद्धता को दोहराया था.

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