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'शांतिदूत की भूमिका में आए भारत...', इस इस्लामिक देश ने क्यों उठाई ये मांग?

नई दिल्ली में फिलिस्तीन दूतावास के अराफात इंदिरा संस्कृति केंद्र में हुए कार्यक्रम में ट्यूनीशिया, सीरिया, बहरीन, लेबनान, मोरक्को, यमन, जॉर्डन, सूडान, ओमान, लीबिया, मिस्र, कुवैत, अल्जीरिया, कतर, इराक, सऊदी अरब, नाइजीरिया और जिबूती के राजदूतों ने हिस्सा लिया.

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भारत में अरब देशों के राजदूत हुए इकट्ठा
भारत में अरब देशों के राजदूत हुए इकट्ठा

अरब देशों के राजदूत इस समय दिल्ली में हैं. इन देशों ने फिलिस्तीन के प्रति समर्थन जताते हुए उम्मीद जताई कि मिडिल ईस्ट में शांति बहाली के लिए भारत की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है. इस कार्यक्रम में कई अरब देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.

नई दिल्ली में फिलिस्तीन दूतावास के अराफात इंदिरा संस्कृति केंद्र में हुए कार्यक्रम में ट्यूनीशिया, सीरिया, बहरीन, लेबनान, मोरक्को, यमन, जॉर्डन, सूडान, ओमान, लीबिया, मिस्र, कुवैत, अल्जीरिया, कतर, इराक, सऊदी अरब, नाइजीरिया और जिबूती के राजदूतों ने हिस्सा लिया.

इस दौरान भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अदनान अबू अल-हाइजा और अरब लीग के राजदूत यूसुफ मोहम्मद जमील की अगुवाई में स्वतंत्र फिलिस्तीन राष्ट्र बनाने की मांग की.

सऊदी अरब के राजदूत सालेह अल हुसैनी ने शांति और स्थिरता के लिए वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य में भारत की भूमिका के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने हाल ही में रियाद में हुए अरब इस्लामिक समिट के सार का भी उल्लेख किया, जिसमें सीजफायर और इजरायल को हथियारों के निर्यात पर रोक लगाने की मांग की गई थी.

अरब-इस्लामिक समिट रियाद में हुआ था, जिसमें कई प्रस्ताव पेश किए गए थे. इस समिट में एक प्रतिनिधिमंडल का गठन किया गया, जिसका उद्देश्य सभी प्रमुख वैश्विक राजधानियों तक पहुंच बनाना है ताकि शांति स्थापित की जा सके.

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रियाद समिट के बाद जारी संयुक्त बयान में गाजा में युद्ध को रोकने और फिलिस्तीन को लेकर गंभीर राजनीतिक चर्चा शुरू करने के लिए जॉर्डन, मिस्र, कतर, तुर्की, इंडोनेशिया, नाइजीरिया और फिलिस्तीन के विदेश मंत्रियों के साथ सऊदी अरब के विदेश मंत्री को निर्देश दिए गए.  

भारत शांतिदूत की भूमिका में!

उन्होंने कहा कि भारत मिडिल ईस्ट में शांजिदूत की भूमिका निभा सकता है. भारत एक बहुत ही महत्वपूर्ण देश है. वैश्विक स्तर पर शांति और स्थिरता के समर्थन के लिए भारत एक बड़ी भूमिका निभा सकता है. भारत ने जी20 की अध्यक्षता की है और वैश्विक स्तर पर शांति और स्थिरता को समर्थन देने का उसका एक लंबा इतिहास रहा है. 

इस बैठक का संदर्भ इजरायल और हमास संघर्ष है. लेकिन इजरायल की वजह से गाजा दोजख में है. फिलिस्तीन के राजदूत अदनान अबू अल-हाइजा ने फिलिस्तीन के लोगों विशेष रूप से गाजा और वेस्ट बैंक के लोगों के लिए बेहद बुरी स्थिति पर चिंता जताई है. उन्होंने इजरायली सरकार पर आक्रामक रुख अख्तियार कने के लिए उन्हें आड़े हाथों लिया. 

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