अल्बानिया की राजधानी तिराना में प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार रात प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पेट्रोल बम फेंके, जिसके बाद पुलिस ने पानी की बौछार करने वाली गाड़ियों का इस्तेमाल किया. रामा के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन अब आठवें दिन में पहुंच गया है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रदर्शनों की वजह सरकार में भ्रष्टाचार को लेकर लोगों का गुस्सा, नौकरियों की कमी और शिक्षा के खराब स्तर को बताया जा रहा है. प्रदर्शन तिराना के साथ-साथ दूसरे शहरों में भी फैल गया है. प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों और बैंकों में आग लगा दी, दुकानों के शीशे तोड़े और सड़क से पत्थर उखाड़कर पुलिस पर फेंके.
हिंसा की शुरुआत पिछले मंगलवार यानी 13 अक्टूबर को हुई थी. इसके बाद 17 अक्टूबर को शनिवार के दिन प्रदर्शन सबसे ज्यादा बढ़ गया. उस दिन हजारों लोग शिक्षा मंत्रालय के बाहर जमा हुए और दंगा रोधी पुलिस पर पत्थर फेंके. इसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस, पानी की बौछार और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया.
प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहा यह विरोध उनके लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती बन गया है. रामा 2013 से सत्ता में हैं और पिछले साल उन्होंने चौथी बार पद संभाला था.
कई महीनों के विरोध प्रदर्शनों के बाद अशांति
यह अशांति गर्मियों में शुरू हुए कई महीनों के विरोध प्रदर्शनों के बाद बढ़ी है. गर्मियों में हुए ये प्रदर्शन ज्यादातर शांतिपूर्ण थे और एक महंगे तटीय विकास प्रोजेक्ट के खिलाफ थे. इस परियोजना को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर का समर्थन प्राप्त है. मंगलवार रात तिराना में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पेट्रोल बम फेंके, जबकि पुलिस ने पानी की बौछार करने वाली गाड़ियों का इस्तेमाल किया. राजधानी और दूसरे शहरों में जारी प्रदर्शनों के बीच प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.