अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में भारतीय दूतावास के पास शक्तिशाली बम धमाका हुआ है. अफगान स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस धमाके की वजह से कम से कम 80 लोगों की मौत, जबकि 325 से ज्यादा लोगों के घायल होने की पुुष्टि की है. हालांकि, भारतीय दूतावास के सभी कर्मचारी सुरक्षित बताए जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि इन धमाकों से जर्मन और ईरानी दूतावास निशाने पर था.
Visuals from the blast site in Kabul, Indian embassy staff safe. AP reports 50 people have been killed or wounded
— ANI (@ANI_news)
मोदी ने की निंदा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस धमाके के बाद दुख व्यक्त किया है. पीएम ने ट्वीट कर कहा कि हम काबुल में हुए बम धमाकों की कड़ी निंदा करते हैं, हमारी सांत्वना सभी पीड़ितों के साथ है. भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अफगानिस्तान के साथ खड़ा है.
We strongly condemn the terrorist blast in Kabul. Our thoughts are with the families of the deceased & prayers with the injured.
— Narendra Modi (@narendramodi)
India stands with Afghanistan in fighting all types of terrorism. Forces supporting terrorism need to be defeated.
— Narendra Modi (@narendramodi)
By God's grace, Indian Embassy staff are safe in the massive blast.
— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj)
काबुल के इस हाई सिक्योरिटी वाले डिप्लोमेटिक एरिया में हुए धमाके के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है. ये धमाके बुधवार सुबह स्थानीय समयानुसार 8.30 बजे के करीब हुए हैं, जब इलाके में खासी भीड़ होती है. चश्मदीदों के मुताबिक, घटनास्थल पर शव बिखरे पड़े थे और पूरे इलाके में घना धुंआ निकल रहा था. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दर्जनों कारें सड़क पर ही फंस गईं, क्योंकि घायल लोग और घबराई स्कूली छात्राएं सुरक्षा के लिए उनकी आड़ ले रही थीं, जबकि अपने रिश्तेदारों को खोजने के लिए महिलाएं और पुरुष सुरक्षा जांच से निकलने के लिए संघर्ष कर रहे थे.
Pictures of immediate aftermath of Kabul explosion, Afghan Health Ministry says 60 people wounded so far.
— ANI (@ANI_news)
अमेरिकी दूतावास के पास भी हुए थे धमाके
इस हमले की तत्काल किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शक तालिबान पर ही जा रही है. अफगानिस्तान में फिर से सिर उठा रहे इस आतंकी संगठन ने अपने हमले तेज दिए हैं. इससे पहले मार्च में अफगानिस्तान की राजधानी में आतंकियों ने अमेरिकी दूतावास के पास स्थित एक मिलिट्री हॉस्पिटल को निशाना बनाया था. हमले में 30 लोगों की मौत हुई थी. इस हमले का जिम्मा ISIS ने लिया था.
काबुल में नहीं रुक रहे हैं आतंकी हमले
काबुल हाल के दिनों में कई आतंकी हमलों का शिकार रहा है. इससे पहले फरवरी महीने की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट में हुए आत्मघाती बम धमाके में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई थी. हमला उस सड़क पर हुआ जो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अमेरिकी दूतावास की तरफ जाती है. इन धमाकों ने अफगानिस्तान में बढ़ते असुरक्षा के माहौल को फिर जाहिर किया है, जहां अमेरिका समर्थित बल तालिबान विद्रोहियों के साथ अल कायदा और इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों से जूझ रहे हैं.