scorecardresearch
 

कोलंबिया राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के सपोर्टर 'द टाइगर' ने ली लीड, 10 मेगा जेल बनाने का वादा

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों के समर्थक डी ला एस्प्रिएला ने कहा है कि यदि वे सत्ता में आते हैं तो कोलंबिया में अपराधी गिरोहों और नार्को-आतंकवाद का पूरी ताकत से सफाया करेंगे. उन्होंने 10 मेगा जेल बनाने का वादा करते हुए कहा कि उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी जो मिसाल बन जाएगी.

Advertisement
X
कोलंबिया के राष्ट्रपति चुनाव में दक्षिणपंथी एस्प्रिएला पहले राउंड में आगे निकले हैं. (Photo:X/@ABDELAESPRIELLA)
कोलंबिया के राष्ट्रपति चुनाव में दक्षिणपंथी एस्प्रिएला पहले राउंड में आगे निकले हैं. (Photo:X/@ABDELAESPRIELLA)

कोलंबिया के राष्ट्रपति चुनाव में दक्षिणपंथी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक माने जाने वाले एबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला ने पहले चरण में बढ़त हासिल कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं. रविवार को हुए मतदान में डी ला एस्प्रिएला को लगभग 44 प्रतिशत वोट मिले, जबकि प्रगतिशील सीनेटर इवान सेपेडा को 41 प्रतिशत से भी कम वोट प्राप्त हुए. अब दोनों उम्मीदवार 21 जून को होने वाले रनऑफ चुनाव में आमने-सामने होंगे.

47 वर्षीय डी ला एस्प्रिएला, जिन्हें उनके समर्थक "एल टाइग्रे" यानी कि 'द टाइगर' के नाम से जानते हैं, कभी किसी निर्वाचित पद पर नहीं रहे हैं. इटली में आलीशान जीवन बिताने वाले इस वकील ने खुद को व्यवस्था से बाहर का उम्मीदवार बताया और चुनावी रेस में उतरे. चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने अभियान के दौरान अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई का वादा किया. 

डी ला एस्प्रिएला ने कहा है कि यदि वे सत्ता में आते हैं तो कोलंबिया में अपराधी गिरोहों और नार्को-आतंकवाद का पूरी ताकत से सफाया करेंगे. उन्होंने 10 मेगा जेल बनाने का वादा करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी जैसी पहले कभी नहीं देखी गई. उनकी राजनीतिक सोच पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति नायब बुकेले के मॉडल का प्रभाव माना जाता है. बुकेले की नीतियों से अल सल्वाडोर में हत्या की दर में भारी गिरावट आई है, हालांकि उन पर मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप भी लगे हैं. 

Advertisement

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पहले चरण में बढ़त मिलने के बाद डी ला एस्प्रिएला रनऑफ में अन्य दक्षिणपंथी उम्मीदवारों के समर्थकों का समर्थन भी हासिल कर सकते हैं. कोलंबियाई राजनीतिक विश्लेषक सर्जियो गुज़मान के अनुसार पहले चरण की जीत यह संकेत देती है कि जनता का रुझान बदल रहा है और अब डी ला एस्प्रिएला चुनाव जीतने के प्रबल दावेदार बनकर उभरे हैं.

हालांकि चुनाव परिणामों के बाद इवान सेपेडा और उनके सहयोगी राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो ने बिना कोई ठोस सबूत पेश किए चुनावी नतीजों पर सवाल उठाए. सेपेडा का कहना है कि डी ला एस्प्रिएला की राजनीति देश को उस दौर में वापस ले जा सकती है जब पूर्व राष्ट्रपति अल्वारो उरीबे के शासनकाल में सैन्य अभियान और अर्धसैनिक बलों का प्रभाव बढ़ा था.

इवान सेपेडा वर्तमान राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो के करीबी सहयोगी हैं और उनकी "पूर्ण शांति" (टोटल पीस) योजना को आगे बढ़ाने का वादा कर रहे हैं. इस योजना के तहत सरकार गुरिल्ला संगठनों और आपराधिक गिरोहों के साथ शांति समझौते करने की कोशिश कर रही है. लेकिन बढ़ते अपराध और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग अब कठोर कानून-व्यवस्था की नीति की ओर आकर्षित होता दिख रहा है. 

डी ला एस्प्रिएला का उदय केवल कोलंबिया तक सीमित नहीं है. इसे पूरे लैटिन अमेरिका में उभर रही उस राजनीतिक प्रवृत्ति का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें मतदाता वामपंथी और प्रगतिशील नीतियों से निराश होकर जनता सख्त सुरक्षा उपायों का समर्थन करने वाले नेताओं की ओर झुक रही हैं. चिली, होंडुरास और अन्य देशों में भी ऐसे रुझान देखने को मिले हैं. 

Advertisement

विशेषज्ञों का मानना है कि अल सल्वाडोर के मॉडल को कोलंबिया में लागू करना आसान नहीं होगा, क्योंकि कोलंबिया क्षेत्रफल में अल सल्वाडोर से 50 गुना बड़ा है और यहां कई सशस्त्र संगठन अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय हैं. इसके बावजूद चुनावी नतीजों ने स्पष्ट कर दिया है कि कोलंबिया की राजनीति एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. अब 21 जून को होने वाला सेकेंड राउंड का चुनाव तय करेगा कि देश कथित रूप से प्रगतिशील नीतियों के रास्ते पर आगे बढ़ेगा या फिर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के समर्थक डी ला एस्प्रिएला की दक्षिणपंथी नीतियों को गले लगाएगा. 
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement