राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सिलीगुड़ी दौरे के दौरान प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर शुरू हुए विवाद में पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. राज्य सरकार ने पूरे घटनाक्रम, प्रशासनिक फैसलों और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की गैरमौजूदगी के कारणों को दस्तावेजों के साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा है.
पश्चिम बंगाल की चीफ सेक्रेटरी नंदिनी चक्रवर्ती ने यह रिपोर्ट केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को भेजी है. रिपोर्ट में राष्ट्रपति के दौरे से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पूरे मामले का विस्तृत विवरण रिपोर्ट में शामिल किया गया है. इसके साथ ही सभी संबंधित सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स भी भेजे गए हैं.
एक अधिकारी ने बताया कि प्रशासन की तरफ से हर स्तर पर लिए गए फैसलों को रिकॉर्ड में रखा गया है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि किस परिस्थिति में कौन सा प्रशासनिक निर्णय लिया गया और उसके पीछे क्या कारण थे. राज्य सरकार की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि सीएम ममता बनर्जी राष्ट्रपति के कार्यक्रम में क्यों मौजूद नहीं थीं.
रिपोर्ट में हर मुद्दे को विस्तार से समझाने की कोशिश की गई है. इसके अलावा राष्ट्रपति के दौरे के दौरान इंटरनेशनल इंडिजिनस और संथाल कॉन्फ्रेंस की जगह बदले जाने के फैसले को लेकर भी राज्य सरकार ने केंद्र को जानकारी दी है. यह भी बताया गया है कि कार्यक्रम का स्थान बदलने के पीछे क्या कारण थे और यह निर्णय क्यों लिया गया.
दरअसल इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 7 मार्च को पश्चिम बंगाल सरकार से इस मुद्दे पर रिपोर्ट मांगी थी. राष्ट्रपति के राज्य दौरे के दौरान प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोप सामने आने के बाद केंद्र ने राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था. केंद्र की तरफ से सवाल उठाया गया था कि राष्ट्रपति के आगमन पर प्रोटोकाल का ध्यान क्यों नहीं रखा गया.
राष्ट्रपति के आगमन के समय मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक की मौजूदगी क्यों नहीं थी. इसे सुरक्षा और प्रोटोकॉल से जुड़े नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया था. दरअसल राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे शीर्ष पदों की सुरक्षा और प्रोटोकॉल से जुड़े नियम 'ब्लू बुक' में तय किए गए हैं. यह एक गोपनीय दस्तावेज होता है.