पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के खिलाफ एक मेगा मार्च निकाला. इस दौरान उन्होंने कहा, 'कल का दिन मेरे लिए पुनर्जन्म जैसा था.' पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी I-PAC के दफ्तर और उसके निदेशक प्रतीक जैन के घर पर गुरुवार को ईडी की छापेमारी के विरोध में ममता बनर्जी के नेतृत्व में हजारों लोग कोलकाता की सड़कों पर उतरे और विरोध मार्च में शामिल हुए.
'मैंने अपनी जिंदगी में हजारों लड़ाइयां लड़ीं'
ममता बनर्जी ने कहा, 'हमने महज कुछ ही समय में 10.5 किलोमीटर की दूरी तय की. मैं रोजाना करीब 30 हजार कदम चलती हूं. कोलकाता की सड़कों पर ऐसा लग रहा था जैसे लोग बगावत पर उतर आए हों.' मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैंने अपनी जिंदगी में कई लड़ाइयां लड़ी हैं. हाजरा इलाके में ही मैं एक बार मौत के मुंह से बची थी.'
उन्होंने याद किया कि उस समय सीपीएम के गुंडों ने लोहे की जंजीरों के साथ उनका पीछा किया था, लाठी से सिर पर हमला किया गया था, खून बह रहा था और लगातार पीटा गया. ममता ने कहा, 'मुझे कई फ्रैक्चर हुए लेकिन मैं काम के जरिए जीती हूं.'
'कल का दिन मेरे लिए पुनर्जन्म जैसा था'
ममता बनर्जी ने कहा, 'जब-जब मुझ पर हमला होता है, मुझे नई ऊर्जा मिलती है. जैसे कल हुआ, वह दिन मेरे लिए पुनर्जन्म जैसा था.' उन्होंने कहा कि जो लोग टीएमसी को गाली देते हैं और बदनाम करते हैं, वे पार्टी के कार्यकर्ताओं को नहीं जानते, जो मुस्कुराते हुए फांसी तक चढ़ने को तैयार हैं.
इस बीच ईडी बनाम तृणमूल कांग्रेस मामले की सुनवाई कलकत्ता हाई कोर्ट में भारी भीड़ और हंगामे के कारण टाल दी गई और अब अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी. ईडी ने छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी पर कथित तौर पर ‘दुराचार’ का आरोप लगाया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने इन छापों को मनमाना और गैरकानूनी बताया है.
'रोहिंग्या भारत में कहां से आते हैं'
मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि बीजेपी बंगाली बोलने वालों को बांग्लादेशी बताकर बदनाम करती है. ममता ने सवाल किया कि जिन रोहिंग्याओं की बात पहले की जा रही थी, वे कहां हैं और रोहिंग्या भारत में आखिर आते कहां से हैं. उन्होंने केंद्र सरकार पर टैक्स के नाम पर राज्य का पैसा छीनने का आरोप लगाया और कहा कि पश्चिम बंगाल को मिलने वाला सारा केंद्रीय फंड रोक दिया गया है.