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TMC नेता जहांगीर खान को कलकत्ता हाईकोर्ट से झटका, गिरफ्तारी से मिली अंतरिम सुरक्षा हटी

कलकत्ता हाई कोर्ट ने जहांगीर खान को मिली अंतरिम सुरक्षा बढ़ाने से इनकार कर दिया है. उनके खिलाफ दर्ज सात FIR मामलों में जांच जारी रहने का हवाला देते हुए अदालत ने प्रोटेक्टिव बेल की मांग खारिज कर दी. फलता थाने के IC ने अदालत में रिपोर्ट पेश की थी. इससे पहले 18 मई को कोर्ट ने उन्हें अस्थायी राहत दी थी, जब वह फलता उपचुनाव में TMC उम्मीदवार थे.

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जहांगीर ने फलता री-पोलिंग से अपना नाम वापस ले लिया था (File Photo: TMC)
जहांगीर ने फलता री-पोलिंग से अपना नाम वापस ले लिया था (File Photo: TMC)

कलकत्ता हाईकोर्ट ने फलता से तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता जहांगीर खान को बड़ा झटका देते हुए उनकी अंतरिम सुरक्षा की अवधि को आगे बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया है. अदालत के इस फैसले के बाद अब टीएमसी नेता पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है.

हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच के जस्टिस पार्थ सारथी सेन ने जहांगीर खान को राहत देने से इनकार करते हुए इस मामले को अब नियमित पीठ रेगुलर बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए भेजने का निर्देश दिया है. इससे पहले, बीती 18 मई को जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने जहांगीर खान को 26 मई तक के लिए गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी, जिसकी म्याद खत्म हो चुकी है.

सुनवाई के दौरान फलता थाना प्रभारी ने जहांगीर खान के खिलाफ अदालत में एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की. सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि आरोपी नेता के खिलाफ कुल सात FIR दर्ज हैं. ये सभी मामले फिलहाल शुरुआती चरण में हैं और निष्पक्ष जांच के लिए आरोपी से पूछताछ बेहद जरूरी है. 

दूसरी तरफ, जहांगीर खान ने डायमंड हार्बर एसीजेएम अदालत में इन प्राथमिकियों को रद्द करने की याचिका भी दायर कर रखी थी. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पुलिस रिपोर्ट का संज्ञान लेने के बाद जहांगीर खान की सुरक्षात्मक जमानत (Protective Bail) की अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया.

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हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि चूंकि सभी मामलों में जांच जारी है, इसलिए इस स्तर पर उन्हें प्रोटेक्टिव बेल या अतिरिक्त सुरक्षा नहीं दी जा सकती. अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि मामला नियमित बेंच के समक्ष दोबारा सुना जाए.

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