पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. राज्य बीजेपी अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अनुपम खेर के सिर पर फिर से नए बाल आ सकते हैं, लेकिन टीएमसी अब दोबारा कभी सरकार नहीं बना पाएगी.'
कोलकाता में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि 9 मई एक शुभ दिन है और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की धरती पर उनकी विचारधारा की सरकार बन रही है, जिसे पूरा देश देख रहा है.
समीक भट्टाचार्य ने कहा, 'अनुपम खेर के गंजे सिर पर नए बाल उग सकते हैं, लेकिन TMC बंगाल में फिर कभी सरकार नहीं बना सकती.'
अब तक अपडेटेड चुनाव नतीजों के मुताबिक, बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई है. वहीं राजारहाट न्यू टाउन सीट पर बीजेपी उम्मीदवार पीयूष कनोडिया ने करीबी मुकाबले में 316 वोटों से जीत दर्ज की. इन नतीजों के साथ ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है और बीजेपी पहली बार राज्य में सरकार बनाने जा रही है.
अनुपम खेर बोले- मैंने आपका क्या बिगाड़ा है
दूसरी ओर अनुपम खेर ने बंगाल BJP प्रमुख के तंज पर जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि आप क्यों चाहते हो कि मेरे सिर पर बाल आ जाएं. मैंने आपका क्या बिगाड़ा है. अनुपम खेर ने कहा, 'अरे भैया जी! मैंने आपका क्या बिगाड़ा है! क्यों आप चाहते हो कि मेरे सिर पर बाल आ जाएं! मौजूदा हालात में जन्मों तक नहीं चाहूंगा! जय श्री राम!'
BJP की 207 सीटें हुईं
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के एक दिन बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपनी बढ़त और मजबूत कर ली है. दोबारा मतगणना के बाद पार्टी की सीट संख्या बढ़कर 207 हो गई, जिससे उसकी स्थिति और भी मजबूत हो गई है.
राजारहाट-न्यू टाउन सीट पर बीजेपी उम्मीदवार पीयूष कनोडिया ने तृणमूल कांग्रेस के दो बार के विधायक तपस चटर्जी को बेहद मामूली अंतर से हराया. 18 राउंड की गिनती के बाद कनोडिया को 1,06,564 वोट मिले, जबकि चटर्जी को 1,06,255 वोट मिले. इस तरह करीब 309 वोटों के अंतर से बीजेपी ने यह सीट अपने नाम कर ली.
तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमटी
इस जीत के साथ बीजेपी ने 294 सदस्यीय विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े को और मजबूत कर लिया है. वहीं तृणमूल कांग्रेस करीब 80 सीटों तक सिमट गई है.
ममता बनर्जी सुवेंदु अधिकारी से हारीं
इस चुनाव में एक और बड़ा झटका तब लगा, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट पर बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी से हार का सामना करना पड़ा.
1972 के बाद पहली बार होगा ऐसा
बीजेपी की यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है. 1972 के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल में ऐसी सरकार बनने जा रही है, जो केंद्र में भी सत्ता में है. इससे प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है.
चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने आक्रामक अभियान चलाया, जिसका असर नतीजों में साफ दिखाई दिया. वोट प्रतिशत के आंकड़े भी इस बदलाव की कहानी बताते हैं. बीजेपी का वोट शेयर बढ़कर करीब 45 फीसदी हो गया, जो 2021 में 38 फीसदी था, जबकि टीएमसी का वोट प्रतिशत घटकर लगभग 41 फीसदी रह गया.
कुल मिलाकर, यह नतीजा सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े वैचारिक और संगठनात्मक बदलाव का संकेत माना जा रहा है.