केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को घुसपैठ के मुद्दे पर बीजेपी का रुख साफ करते हुए कहा कि फिलहाल मतदाता सूची से सिर्फ घुसपैठियों के नाम हटाए जा रहे हैं लेकिन अगर इस साल होने जा रहे बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी पूर्ण बहुमत से सत्ता में आती है तो उन्हें राज्य से बाहर कर दिया जाएगा.
दक्षिण 24 परगना जिले में बीजेपी की परिवर्तन यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बंगाल को घुसपैठियों का स्वर्ग बना दिया है. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य की सुरक्षा से समझौता हुआ है क्योंकि सत्तारूढ़ दल अवैध घुसपैठ को रोकने में विफल रहा है. बंगाल एक सीमावर्ती राज्य है. टीएमसी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती क्योंकि वे घुसपैठ की अनुमति देते हैं. बंगाल जैसे सीमावर्ती राज्य को सुरक्षा केवल भाजपा दे सकती है.
उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद शनिवार को जारी मतदाता सूची में 63.66 लाख नाम हटाए गए, जो कुल मतदाताओं का 8.3 फीसदी है. नवंबर में शुरू हुए इस अभियान के बाद मतदाताओं की कुल संख्या घटकर लगभग 7.04 करोड़ रह गई है, जिससे 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले कई सीटों का गणित बदल गया है.
शाह ने कहा कि मैं हिंदू शरणार्थियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उनमें से एक भी अपनी नागरिकता नहीं खोएगा. उन्होंने बीजेपी की भाषा में घुसपैठियों और पड़ोसी देशों से उत्पीड़न के कारण आए अल्पसंख्यकों के बीच अंतर करने की कोशिश की.
उन्होंने कहा कि अभी तो सिर्फ नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं और ममता दीदी घबराई हुई हैं. बीजेपी सरकार बनने के बाद हम हर घुसपैठिए की पहचान कर उसे बंगाल से बाहर करेंगे. उन्होंने कहा कि बीजेपी के पूर्ण बहुमत में आने पर घुसपैठ और भ्रष्टाचार दोनों पर रोक लगेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार सीमाओं की सुरक्षा करने में विफल रही है.