उत्तर प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार रविवार को मंत्रिमंडल विस्तार हुआ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टीम में छ नए चेहरे शामिल किए गए और दो मंत्रियों को प्रमोशन दिया गया. इस तरह 8 मंत्री बने हैं, जिन्हें सोमवार को दफ्तर भी आवंटित कर दिए गए हैं, लेकिन मंत्रालय का बंटवारा अभी तक नहीं हो सका है.
योगी मंत्रिमंडल में दोबारा कैबिनेट मंत्री बने भपेंद्र सिंह चौधरी को मुख्य भवन के पहली मंजिल पर दफ्तर आवंटित किया गया है. वहीं, कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय समेत बाकी राज्य मंत्री और राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों को बापू बवन में कार्यलय दिया गया है. ऐसे में सभी की निगाहें लगी हुई हैं कि नए मंत्रियों को कौन से विभाग सौंपे जाएंगे?
बीजेपी ने योगी कैबिनेट विस्तार के जरिए सियासी समीकरण साधने और क्षेत्रीय बैलेंस बनाने की कवायद की है. योगी सरकार के किसी भी पुराने मंत्री की कैबिनेट से छु्टी नहीं की गई है, लेकिन उनके विभागों में बड़ा फेरबदल किए जाने की संभावना है. ऐसे में सबसे ज्यादा लोगों की नजर लोक निर्माण विभाग (PWD) और राजस्व मंत्रालय पर है?
मंत्रियों को दफ्तर के बाद आवास देने का प्लान
योगी कैबिनेट में मंत्री बने बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडेय, कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा, कैलाश राजपूत, सोमेंद्र तोमर और अजीत पाल के घर जश्न का माहौल है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र चौधरी के आवास पर मंत्री बनाए गए मनोज पांडेय मुलाकात करने पहुंचे, भूपेंद्र चौधरी ने उन्हें शुभकामना देते हुए नई जिम्मेदारी की बधाई दी. इसी तरह स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री बने सोमेंद्र तोमर से ब्रज क्षेत्र के अध्यक्ष दुर्विजय शाक्य और विधायक राजेश चौधरी मिले,
यूपी सरकार में बने नए मंत्रियों को दफ्तर आवंटित कर दिया गया है. भपेंद्र सिंह चौधरी को मुख्य भवन में दफ्तर आवंटित किया गया है. ऐसे ही कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय समेत बाकी राज्य मंत्री और राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों को बापू बवन में कार्यलय दिया गया है. इसके साथ ही मंत्रियों के लिए राज्य संपत्ति विभाग ने नए आवास आवंटन की फाइल वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के कार्यालय को मंजूरी के लिए भेज दी है.
कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी,सोमेंद्र तोमर और अजीत पाल के पास ही केवल मंत्री आवास हैं. माना जा रहा है कि मंगलवार तक अन्य पांच मंत्रियों की आवास आवंटित कर दिए जाएंगे. अभी इनके पास विधायक स्तर का आवास मिला हुआ है, लेकिन अब मंत्री बनने के बाद बड़ा बंगला दिया जा सकता है?
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब मंत्रालय का इंतजार
मंत्रिमंडल विस्तार हो गया और अब विभागों के बंटवारों का इंतजार हो रहा है. सोमवार की देर शाम तक इंतजार के बाद भी तस्वीर साफ नहीं हो सकी. इस दौरान नए चेहरों के साथ ही मंत्रिमंडल के पुराने चेहरों के भी विभागों में बदलाव को लेकर चर्चा चलती रही. सीएम योगी आदित्यनाथ सुबह से ही वाराणसी, बागपत और दिल्ली दौरे के लिए निकल गए थे. मंगलवार को असम में हिमंत सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करने के लिए जा रहे हैं.
योगी कैबिनेट में शामिल होने वाले नए मंत्रियों को आवंटिट किए नए दफ्तर का जायजा लेने के बाद यह बात साफ हो गई है कि भूपेंद्र चौधरी को बड़ा विभाग मिल सकता है. भूपेंद्र चौधरी ने विधानसभा स्थित मुख्य सचिवालय में आवंटित अपने दफ्तर का जायजा लिया तो मनोज पांडे को बापू भवन में दफ्तर अलॉट किया गया है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों डिप्टी सीएम से लेकर बड़े विभाग के मंत्रियों का दफ्तर मुख्य सचिवालय में है जबकि अपेक्षाकृत कम महत्व के मंत्रियों के दफ्तर बापू भवन में हैं. इससे साफ जाहिर है कि भूपेंद्र चौधरी को भारी-भरकम मंत्रालय मिलने जा रहा है जबकि बाकी नए मंत्रियों को अपेक्षाकृत कम महत्व वाला विभाग मिल सकता है.
लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री कौन बनेगा?
उत्तर प्रदेश में कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों के विभागों में बड़ा फेरबदल किए जाने की संभावना है, लेकिन ज्यादा नजर पीडब्ल्यूडी विभाग को लेकर है. 2022 में सरकार बनने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग जितिन प्रसाद को दिया गया था, लेकिन 2024 में केंद्र की सरकार में मंत्री बन जाने के बाद से इस विभाग का जिम्मा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास है.
योगी सरकार में भूपेंद्र चौधरी की एंट्री होने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि क्या यह विभाग अब सीएम योगी अब भूपेंद्र चौधरी को सौंप सकते हैं या केशव प्रसाद मोर्य को दोबारा यह विभाग मिलेगा. इस विभाग की संवेदनशीलता को देखते हए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसे अपने पास रखे हैं. PWD को लेकर लखनऊ से दिल्ली तक जबरदस्त लॉबिंग की जा रही है, लेकिन अभी सस्पेंस बना हुआ है.
पांडेय और राज्यमंत्रियों को कौन विभाग मिलेगा
भूपेंद्र चौधरी के साथ सपा के बागी विधायक मनोज पांडेय को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. अखिलेश यादव की सरकार में मनोज पांडेय मंत्री रहे हैं, जिसके चलते उन्हें भी ठीक-ठाक मंत्रालय सौंपा जा सकता है. इसके अलावा सबकी नज़रें इसी पर टिकी हैं कि स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों को
कौन सा विभाग मिल सकता है.
योगी कैबिनेट में जिन दो मंत्रियों को राज्यमंत्री से प्रमोशन कर स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाया गया है, उसमें सोमेंद्र तोमर पहले ऊर्जा राज्यमंत्री थे. ऐसे में उन्हें स्वतंत्र प्रभार उर्जा मंत्री बनाया जा सकता है, क्योंकि यह विभाग अभी अरविंद शर्मा के पास है. शर्मा के पास शहरी विकास के साथ ऊर्जा मंत्रालय का अतरिक्त प्रभार है.
अजीत पाल अभी तक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री थे, लेकिन अब उन्हें स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाया गया है. ऐसे में देखना है कि उन्हें इसी मंत्रालय का जिम्मा मिलता है या फिर किसी अन्य विभाग की कमान सौंपी जा सकती है? मंत्रिमंडल में हंसराज विश्वकर्मा, कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर और कैलाश सिंह राजपूत को राज्यमंत्री बनाया गया है. ये चारो पहली बार मंत्री बने हैं, जिसके चलते उन्हें किसी अन्य मंत्री के साथ जिम्मेदारी दी सकती है.