उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के शाहाबाद कस्बे में 12 और 13 मई की दरम्यानी रात शादी में धोखाधड़ी का मामला सामने आया. यहां की एक महिला अधिवक्ता की शादी मध्य प्रदेश के छतरपुर निवासी एक युवक से तय हुई थी. दुल्हन का आरोप है कि उसकी बातचीत व्हाट्सऐप पर राहुल मिश्रा नामक युवक से होती थी, जो खुद को भोपाल में तैनात फौजी बताता था. बारात आने पर दुल्हन ने मंडप में दूल्हे को पहचानने से इनकार कर दिया क्योंकि वहां राहुल के बजाय देवेंद्र सिंह परिहार मौजूद था. पहचान उजागर होते ही गुस्साए लोगों ने दूल्हे और बारातियों की पिटाई कर दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई शुरू की.
व्हाट्सऐप वाला 'फौजी' और मंडप का देवेंद्र
अधिवक्ता युवती ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए राहुल मिश्रा नाम के शख्स से उसका रिश्ता तय हुआ था. उसने खुद को भारतीय सेना में कार्यरत बताया था, जिससे प्रभावित होकर परिजनों ने शादी की सहमति दी थी.
मंगलवार रात जब बारात शाहाबाद पहुंची, तो जयमाल से पहले दुल्हन को दूल्हे के चेहरे और हाव-भाव पर शक हुआ. कड़ाई से पूछताछ करने पर दूल्हे ने स्वीकार किया कि उसका नाम राहुल नहीं बल्कि देवेंद्र सिंह परिहार है. इस खुलासे ने शादी के जश्न को मातम और हंगामे में बदल दिया.
मंडप में हंगामा और बारातियों की पिटाई
दूल्हे की असलियत सामने आते ही वहां मौजूद दुल्हन के वकील साथियों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. लोगों ने धोखाधड़ी के आरोप में दूल्हे देवेंद्र और उसके साथ आए बारातियों को घेरकर पीटना शुरू कर दिया. सूचना मिलने पर शाहाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर दूल्हे समेत नौ लोगों को हिरासत में लिया. घायल दूल्हे को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है. युवती को अंदेशा है कि यह गिरोह मानव तस्करी या किसी बड़ी साजिश में शामिल हो सकता है.
दूल्हे का दावा: 'हम तो प्यार में थे'
हिरासत में लिए गए दूल्हे देवेंद्र सिंह परिहार का पक्ष कुछ अलग है. उसका कहना है कि उसकी और प्रिया (दुल्हन) की चार-पांच महीने पहले फोन पर बात शुरू हुई थी और वे लगातार संपर्क में थे. देवेंद्र के मुताबिक, युवती ने खुद उसे शादी के लिए बुलाया था और होटल में उसका स्वागत भी हुआ था. उसने मारपीट करने वालों में कुछ स्थानीय लोगों के नाम भी लिए हैं और दावा किया है कि उसे समझ नहीं आ रहा कि उसके साथ मारपीट क्यों की गई. वह राहुल नाम के किसी व्यक्ति को जानने से इनकार कर रहा है.
पुलिस की कार्रवाई और जांच जारी
सीओ शाहाबाद आलोक राज नारायण ने बताया कि युवती की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि युवती की बात वास्तव में किससे होती थी और बारात में दूसरा युवक क्यों आया. क्या यह वाकई पहचान छुपाकर शादी करने का मामला है या इसके पीछे कोई और कहानी है, यह जांच का विषय है. फिलहाल करीब नौ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पुलिस वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है.