यूपी में एक बार फिर मौसम ने अपना रुख बदल लिया है. तपती गर्मी के बीच अचानक आई ठंडी हवाओं, बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर हो रही बारिश ने प्रदेश के कई हिस्सों में राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ ही खतरे की घंटी भी बजा दी है. मौसम विभाग ने 4 मई को लेकर कई जिलों में खराब मौसम की चेतावनी जारी की थी, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, संभल, लखीमपुर खीरी सहित कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ जगहों पर ओले भी गिरे हैं.
इस बदलते मौसम को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. उन्होंने साफ कहा है कि मौसम के इस अस्थिर दौर में लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए हर नागरिक को अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए.
मौसम का बदला मिजाज, कई जिलों में असर
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है. दिन में तेज धूप और उमस के बाद शाम होते-होते अचानक तेज हवाएं चलने लगती हैं और कई जगहों पर बारिश शुरू हो जाती है. इस बदलाव ने जहां गर्मी से कुछ राहत दी है, वहीं किसानों और आम लोगों के लिए चिंता भी बढ़ा दी है. मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. यहां तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, जो जान-माल के लिए खतरा बन सकती हैं.
सीएम की अपील: घर में रहें, सुरक्षित रहें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें. खासकर आंधी और बारिश के समय खुले स्थानों पर जाने से बचना बेहद जरूरी है. उन्होंने लोगों को आगाह किया कि पेड़ों के नीचे खड़े होना, बिजली के खंभों के पास रुकना या खुले मैदान में रहना खतरनाक साबित हो सकता है. ऐसे में थोड़ी सी सावधानी बड़े हादसों को टाल सकती है.
बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर
सीएम योगी ने अभिभावकों से भी खास अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान बच्चों को घर के अंदर ही रखें. अक्सर बच्चे बारिश या तेज हवा के दौरान बाहर खेलने लगते हैं, जो इस समय जोखिम भरा हो सकता है. उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए. मौसम की चेतावनी के बाद राज्य सरकार ने प्रशासन को पूरी तरह सतर्क कर दिया है. सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है. राहत और बचाव टीमों को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके. सरकार का कहना है कि हर स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी हैं, लेकिन इसमें जनता का सहयोग बेहद जरूरी है. यदि लोग सावधानी बरतें, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
इन जिलों में ओलावृष्टि का खतरा
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई है. खासकर तराई और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और लखीमपुर खीरी में इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है. इन इलाकों में किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इस समय कई फसलें खेतों में तैयार खड़ी हैं. ओलावृष्टि होने की स्थिति में फसलों को भारी नुकसान हो सकता है.
किसानों के लिए सलाह
मुख्यमंत्री ने किसानों से भी अपील की है कि वे अपनी फसल और पशुधन का विशेष ध्यान रखें. खेतों में खड़ी फसल को बचाने के लिए जरूरी इंतजाम करें और मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखें. विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम की इस अनिश्चितता के दौर में किसानों को सतर्क रहना होगा और समय-समय पर मौसम विभाग की जानकारी पर नजर रखनी चाहिए.
बिजली गिरने का खतरा
गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं इस मौसम में आम हो जाती हैं. हर साल कई लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं. ऐसे में यह जरूरी है कि लोग कुछ बुनियादी सावधानियों का पालन करें जैसे:
- खुले मैदान में न रहें
- पेड़ों के नीचे खड़े न हों
- मोबाइल या धातु की वस्तुओं का इस्तेमाल खुले में कम करें
- बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें