उत्तर प्रदेश में सरकारी फंड से जुड़े कथित गबन के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है. यह मामला करीब 4 करोड़ रुपये के सरकारी धन के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है. इस केस में जांच एजेंसी ने कई जिलों में एक साथ छापेमारी कर जांच को तेज कर दिया है. सीबीआई ने 17 जून 2026 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ, अयोध्या, कुशीनगर, प्रतापगढ़ और अमेठी में कुल 14 अलग-अलग स्थानों पर छापे मारे. इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक और शिक्षा विभाग से जुड़े तंत्र में हलचल मच गई.
यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के 25 मई 2026 के आदेश के बाद सामने आया था. हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई ने 8 जून 2026 को इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी. आरोप है कि अमेठी के गौरिगंज स्थित बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात तत्कालीन जूनियर अकाउंट्स क्लर्क मनोज कुमार मालवीय ने अन्य आरोपियों और कुछ अज्ञात लोगों के साथ मिलकर एक संगठित आपराधिक साजिश रची.
सीबीआई के अनुसार आरोप है कि सरकारी कोष से करीब 4 करोड़ रुपये की रकम अलग-अलग बैंक खातों में अवैध तरीके से ट्रांसफर की गई और बाद में उसे हड़प लिया गया. सीबीआई की एफआईआर में कुल 5 लोगों को आरोपी बनाया गया है. इनमें मनोज कुमार मालवीय, जो तत्कालीन जूनियर अकाउंट्स क्लर्क हैं, बेसिक शिक्षा विभाग गौरिगंज अमेठी में तैनात थे.
अमेठी के बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ा है कथित गबन का मामला
इसके अलावा अभिषेक सिंह, जो ब्लॉक क्वालिटी कोऑर्डिनेटर हैं, और शिवम कुमार पांडे, ब्लॉक MIS कोऑर्डिनेटर भी शामिल हैं. इसके साथ ही श्रवण कुमार द्विवेदी, जो प्राथमिक विद्यालय बेछूगढ़ जगदीशपुर अमेठी में हेडमास्टर हैं, और शैलेश चंद्र शुक्ला, जो प्राथमिक विद्यालय पूरे शिवदास गुदुर गौरिगंज अमेठी में सहायक शिक्षक हैं, उन्हें भी आरोपी बनाया गया है.
छापेमारी में दस्तावेज और डिजिटल उपकरण किए गए जब्त
इससे पहले यह मामला 21 मार्च 2025 को अमेठी के गौरिगंज थाने में दर्ज किया गया था. यह शिकायत बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी की ओर से दी गई थी. सीबीआई की छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, कथित गबन की रकम के निवेश और इस्तेमाल से जुड़े कागजात और डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं. इन सभी की जांच की जा रही है. फिलहाल सीबीआई इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सरकारी धन के इस कथित गबन में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं. जांच अभी जारी है.