ईमानदारी की कीमत कितनी भारी पड़ सकती है, इसका उदाहरण आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही की कहानी में साफ नजर आता है. एक समय घोटाले का पर्दाफाश करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी मिली, यहां तक कहा गया कि अगर ईमानदारी नहीं छोड़ी तो गन्ने के खेत में लाश नहीं कंकाल मिलेगा. अब उसी अधिकारी ने सिस्टम से निराश होकर आईएएस पद से तकनीकी इस्तीफा दे दिया है.
रिंकू सिंह ने अपने करियर के शुरुआती दौर का भी जिक्र किया है, जब वह मुजफ्फरनगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी थे. वहीं उन्होंने विभाग में बड़े घोटाले का खुलासा किया था, जिसमें सरकारी धन फर्जी खातों में ट्रांसफर किया जा रहा था. इस घोटाले को उजागर करने के बाद उन्हें तत्कालीन प्रमुख सचिव की ओर से धमकी मिली कि ईमानदारी नहीं छोड़ी तो गन्ने के खेत में कंकाल मिलेगा.