यूपी के महोबा जिले में एक प्रेमी युगल ने आम के पेड़ से लटककर अपनी जान दे दी. हैरान करने वाली बात यह है कि मृतका की मांग सिंदूर से भरी हुई मिली है, जिससे आशंका है कि दोनों ने मौत से ठीक पहले शादी की थी. अलग-अलग जाति के होने के कारण इस आत्मघाती कदम के पीछे सामाजिक डर माना जा रहा है. फिलहाल, पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की जांच में जुटी है.
आपको बता दें कि बीते दिन चरखारी कोतवाली अंतर्गत सबुआ गांव के पास उस वक्त सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों ने गुढ़ा मोड़ स्थित एक खेत में आम के पेड़ से युवक और युवती के शवों को लटकते देखा. मृतकों की पहचान 24 वर्षीय उपेंद्र विश्वकर्मा और 22 वर्षीय आरती कुशवाहा के रूप में हुई. मृतका आरती की मांग सिंदूर से भरी हुई थी और पेड़ के पास ही कोल्ड ड्रिंक की बोतल, चिप्स के रैपर और मोबाइल फोन पड़ा मिला.
आशंका जताई जा रही है कि दोनों ने मौत को गले लगाने से ठीक पहले साथ जीने मरने की कसमों के साथ शादी की रस्में निभाईं और फिर यह खौफनाक कदम उठा लिया. उपेंद्र चरखारी कस्बे में एक आरा मशीन के लिए पेड़ काटने का काम करता था. इसी दौरान उसकी मुलाकात आरती से हुई, जो धीरे-धीरे गहरे प्रेम प्रसंग में बदल गई. पिछले तीन सालों से दोनों का प्यार गुपचुप तरीके से चल रहा था, जिसकी भनक परिजनों तक को नहीं थी.
बुधवार की शाम आरती अचानक घर से लापता हो गई थी, जिसकी शिकायत परिजनों ने कोतवाली में भी दी थी. लेकिन गुरुवार की सुबह दोनों की मौत की खबर आई. युवक के पिता कुंदनलाल और युवती के चाचा अनिल कुमार इस घटना से पूरी तरह स्तब्ध हैं. उनका कहना है कि दोनों ने कभी अपने रिश्ते का जिक्र घर में किसी से नहीं किया था.
इस दोहरे सुसाइड मामले पर क्षेत्राधिकारी दीपक दुबे का कहना है कि पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर गहराई से तफ्तीश कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी. वहीं, उपेंद्र के दोस्त आशीष पाठक ने बताया कि उन्हें प्रेम प्रसंग की जानकारी तो थी, लेकिन लड़की कौन है, यह साफ नहीं था. दोस्त का मानना है कि अलग जाति होने के कारण शायद दोनों घबरा गए और उन्होंने यह कदम उठा लिया.
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