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संतराम अग्रहरि हत्याकांड: सुल्तानपुर में BJP नेता अर्जुन सिंह पटेल और उसके भाई पर 50 हजार का इनाम घोषित

सुल्तानपुर के चर्चित संतराम अग्रहरि हत्याकांड में फरार भाजपा नेता अर्जुन सिंह और उसके भाई प्रदीप पर इनाम की राशि बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दी गई है. डीआईजी सोमेन बर्मा ने यह घोषणा कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद की। पुलिस लंबे समय से इन मुख्य साजिशकर्ताओं की तलाश में जुटी है.

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अर्जुन सिंह पटेल और उसका भाई प्रदीप (Photo- Screengrab)
अर्जुन सिंह पटेल और उसका भाई प्रदीप (Photo- Screengrab)

यूपी के सुल्तानपुर में डेढ़ साल पूर्व हुए चर्चित संतराम अग्रहरि हत्याकांड में लंबे समय से फरार चल रहे स्थानीय भाजपा नेता अर्जुन सिंह पटेल और उसके भाई प्रदीप पटेल पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है. अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन बर्मा ने फरार अर्जुन पटेल व प्रदीप पटेल पर ये इनाम घोषित किया है. उनकी तलाश में टीमें लगी हुई हैं.

इनाम की घोषणा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद की गई है. इससे पहले, 3 मार्च 2026 को सुल्तानपुर की पुलिस अधीक्षक चारु निगम ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे अब बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दिया गया है.

आपको बताते चलें कि 8 अक्टूबर 2024 की रात दोस्तपुर थाना क्षेत्र के गोशैसिंहपुर बाजार में व्यापारी संतराम अग्रहरि की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गयी थी. इस मामले में भाजपा नेता अर्जुन सिंह पटेल को मुख्य साजिशकर्ता और उनके भाई प्रदीप पटेल को सह-आरोपी बनाया गया है. दोनों आरोपी मोतिगरपुर थाना क्षेत्र के खेमपुर गांव के निवासी हैं और घटना के बाद से ही फरार हैं. दोस्तपुर थाने में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज है.

पीड़ित पक्ष ने लगातार पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को बचाने का प्रयास किया. सीजेएम कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद पुलिस ने धारा 82/83 की कार्रवाई केवल कागजों पर की.

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वारंट जारी होने के बावजूद दोनों आरोपियों ने आत्मसमर्पण नहीं किया और पुलिस उन्हें अबतक गिरफ्तार भी नहीं कर सकी, जिसके चलते इनपर घोषित इनामी की राशि बढ़ाई गई. पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन आरोपियों पर घटना से सम्बंधित साक्ष्य को मिटाने का भी आरोप है.

पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी जल्द आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने आमजन से अपील की है कि आरोपियों के संबंध में कोई भी सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें. सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी. इस मामले में घटना के चौथे दिन नौ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था.

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