आशुतोष ब्रह्मचारी की नाक काटने वाले को 21 लाख रुपये का इनाम देने का ऐलान किया गया है. यह घोषणा श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फलाहारी महाराज ने की. आशुतोष ब्रह्मचारी ने यौन शोषण मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ FIR दर्ज कराई है.
फलाहारी महाराज ने आशुतोष ब्रह्मचारी को 'गौ हत्यारा' और 'अपराधी' बताते हुए कहा कि उन्होंने शंकराचार्य पर घिनौना आरोप लगाकर 125 करोड़ हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई है. उनका कहना है कि शंकराचार्य हिंदू समाज के लिए पूज्यनीय हैं और इस तरह के आरोपों से सनातनी समाज अपमानित महसूस कर रहा है.
फलाहारी महाराज ने यह भी कहा कि वह आशुतोष ब्रह्मचारी को हिंदू नहीं मानते हैं. बयान के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. फिलहाल इस बयान को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. मामले को लेकर कानून-व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है.
आशुतोष ब्रह्मचारी ने अग्रिम जमानत याचिका का किया विरोध
बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की हाईकोर्ट में दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर वादी आशुतोष ब्रह्मचारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि वे इस याचिका का कड़ा विरोध करेंगे और किसी भी कीमत पर उन्हें जमानत नहीं लेने देंगे. गौरतलब है कि पॉक्सो एक्ट के तहत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ मामला दर्ज है.
इस मामले में उनकी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. ऐसे में दोनों ने कोर्ट शरण लेते हुए अग्रिम जमानत की मांग की है. उन्होंने गुहार लगाई है कि जांच पूरी होने तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए. उधर, आशुतोष ब्रह्मचारी ने असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (एसीपी) प्रयागराज अजय पाल शर्मा की उनकी वायरल तस्वीरों पर भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अजय पाल शर्मा ने पिछली सरकार के कार्यकाल में उनके खिलाफ कार्रवाई की थी. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ये तस्वीरें एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जेनरेट की गई हैं.