उत्तर प्रदेश को एक और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की सौगात मिली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया, जिसे राज्य की ‘लाइफलाइन’ बताया जा रहा है. यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को जोड़ते हुए यात्रा समय को घटाकर लगभग 6 घंटे कर देगा.
रैली स्थल पर पीएम मोदी को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. भारी गर्मी के बावजूद लोग बड़ी संख्या में पहुंचे और ‘मोदी-मोदी’ के नारों से माहौल गूंजता रहा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के दौरान भी नारेबाजी इतनी तेज रही कि उन्हें बीच में रुकना पड़ा. पीएम मोदी के मंच पर आते ही भीड़ का उत्साह चरम पर पहुंच गया.
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि विकास का नया विजन है. यह परियोजना प्रदेश में कनेक्टिविटी, औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स और कृषि क्षेत्र को नई गति देगी. उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूत करेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा.
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यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 जिलों को जोड़ेगा. इसके शुरू होने से यात्रा तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी, वहीं माल ढुलाई की लागत कम होने से व्यापार और उद्योग को बड़ा लाभ मिलेगा. पीपीपी (DBFOT) मॉडल पर बने इस एक्सप्रेसवे को फिलहाल 6 लेन में तैयार किया गया है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है.
इसे 120 किमी प्रति घंटा की स्पीड के लिए डिजाइन किया गया है. आधुनिक तकनीक, चौड़े राइट ऑफ वे और बेहतर सुरक्षा इंतजाम इसे देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में शामिल करते हैं. गंगा एक्सप्रेसवे पर शाहजहांपुर के पास 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप भी बनाई गई है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकते हैं. इसके अलावा, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS), सीसीटीवी निगरानी, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं.
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (IMLC) विकसित किए जा रहे हैं, जहां उद्योग, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित होंगी. सरकार द्वारा दी जा रही विभिन्न सब्सिडी और इंसेंटिव से निवेशकों को आकर्षित किया जा रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
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यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के अन्य प्रमुख मार्गों- पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे एक विशाल इंटरकनेक्टेड नेटवर्क तैयार होगा. इससे न केवल लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी नई गति मिलेगी. प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए उसे विकास और महिला विरोधी बताया.
उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में विकास कार्यों में देरी होती थी और किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य नहीं मिलता था. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि अब उत्तर प्रदेश की पहचान बदल रही है और राज्य तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने दावा किया कि गंगा एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट राज्य को ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और आने वाले समय में यह परियोजना निवेश और रोजगार का बड़ा केंद्र बनेगी.