प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देते हुए 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया. गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट बाजार के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है, क्योंकि यह मेगा प्रोजेक्ट न केवल मेरठ से प्रयागराज की दूरी घटाएगा बल्कि इसके किनारे बसे 12 जिलों की जमीन को सोने के भाव पर ले जाएगा.
₹36,000 करोड़ की लागत से तैयार यह कॉरिडोर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक केंद्रों को सीधे पूर्वी यूपी के बाजारों से जोड़कर निवेश के अभूतपूर्व द्वार खोल रहा है, जिससे राज नगर एक्सटेंशन, एनएच-24, हरदोई और उन्नाव जैसे क्षेत्रों में रिहायशी व कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग में भारी उछाल आना तय है. विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक कनेक्टिविटी और 120 किमी/घंटा की रफ्तार वाला यह एक्सप्रेसवे आने वाले 5-10 वर्षों में पूरे राज्य का आर्थिक मानचित्र बदल देगा, जिससे यह क्षेत्र निवेश के सबसे बड़े 'प्रॉपर्टी हॉटस्पॉट' बनकर उभरेंगे.
गंगा एक्सप्रेसवे आने वाले वर्षों में राज्य के रियल एस्टेट परिदृश्य की सूरत बदलने की ताकत रखता है. यह केवल एक सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि एक ऐसा गलियारा है, जिससे बड़े पैमाने पर आवासीय मांग बढ़ेगी, औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी हिस्सों तक निवेश के नए रास्ते खुलेंगे.
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बदल जाएगी कई शहरों की किस्मत
594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है, जिससे दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं और प्रयागराज के बीच पहुंच काफी आसान हो जाएगी. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे का प्रभाव भी कुछ ऐसा ही होगा, जिससे कई उभरते हुए क्षेत्रों में आवासीय और वाणिज्यिक रियल एस्टेट की मांग में भारी उछाल आने की उम्मीद है.
इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के चालू होने से न केवल यात्रा के समय में भारी कमी आएगी, बल्कि यह माल और यात्रियों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाएगा. सरकार को उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय विकास को जबरदस्त बढ़ावा देगा. इसके अलावा, यह एक्सप्रेसवे किसानों के लिए अपनी उपज को बड़ी मंडियों तक तेजी से पहुंचाने में सहायक होगा, जिससे राज्य के कृषि विपणन क्षेत्र को भी एक नई दिशा मिलेगी.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
कार्यन ग्रुप के डायरेक्टर वरूण गर्ग कहते हैं- “ उत्तर प्रदेश की तरक्की में गाजियाबाद अब सिर्फ दिल्ली से सटा एक शहर नहीं, बल्कि गंगा एक्सप्रेसवे की वजह से पूरे राज्य के विकास का इंजन बन गया है. नमो भारत और मेट्रो जैसी सुविधाओं के बाद, अब यह नया एक्सप्रेसवे गाजियाबाद के रियल एस्टेट को और भी ऊंचाइयों पर ले जाएगा. राज नगर एक्सटेंशन और एनएच-24 जैसे इलाके अब सीधे प्रयागराज और पूर्वी यूपी से जुड़ जाएंगे, जिससे यहां निवेश और व्यापार के बड़े मौके पैदा होंगे. आने वाले 5-10 सालों में गाजियाबाद की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी और यह सिर्फ रहने की जगह न रहकर तरक्की का एक बड़ा केंद्र बन जाएगा.'
जे इंफ्राटेक लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर मोहित जांदू कहते हैं, ' करीब ₹36,000 करोड़ की लागत से बना मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे रियल एस्टेट और निवेश की दुनिया में बड़ा बदलाव लाने वाला है. रियल एस्टेट के नजरिए से देखें तो यह प्रोजेक्ट हरदोई, उन्नाव, प्रतापगढ़ और रायबरेली जैसे शहरों को नए 'प्रॉपर्टी हॉटस्पॉट' के रूप में तैयार कर रहा है. बेहतर कनेक्टिविटी से इन इलाकों में जमीन की कीमतें बढ़ेंगी और कमर्शियल व रिहायशी प्रोजेक्ट्स की मांग में तेजी आएगी. अगर टोल की दरें सही रहीं, तो सप्लाई चेन मजबूत होगी और उद्योगों के आने से यहां रोजगार और निवेश के बड़े रास्ते खुलेंगे'.
नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा. लिंक एक्सप्रेसवे का करीब 20 किलोमीटर हिस्सा यीडा एरिया में है. बाकी करीब 23 किलोमीटर का एरिया बुलंदशहर जिले में आता है. इस एक्सप्रेसवे के लिए बुलंदशहर जिला प्रशासन और यमुना अथॉरिटी ने जमीन खरीदनी शुरू कर दी है.
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