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अधिकारियों पर गाज, सुरक्षा ऑडिट, गड्ढों की बैरिकेडिंग... नोएडा इंजीनियर मौत मामले में योगी सरकार का एक्शन

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.

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27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत. (File Photo: ITG)
27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत. (File Photo: ITG)

नोएडा में एक निर्माणाधीन साइट के गहरे गड्ढे में कार गिरने से हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले में बुधवार को SIT ने अपनी जांच तेज कर दी. मेरठ जोन के ADG के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय SIT ने नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में समीक्षा बैठक की और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया. 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर SIT को 5 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी है. इस मामले में पुलिस ने एम्सड विशटाउन और लोटस ग्रीन कंपनियों के खिलाफ FIR दर्ज की है. एम्सड विशटाउन के मालिक अभय कुमार को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.

अधिकारियों पर गाज और सुरक्षा ऑडिट

हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण के एक जूनियर इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि कई अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. अब नोएडा की सभी निर्माणाधीन साइटों का 24 घंटे सुरक्षा ऑडिट होगा. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

खतरनाक गड्ढों की होगी बैरिकेडिंग

SIT की जांच में घटनास्थल पर बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतों की भारी कमी पाई गई है. प्रशासन ने अब जिले के सभी खतरनाक गड्ढों पर स्थायी बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टिव मार्कर और उचित प्रकाश व्यवस्था लगाने के आदेश दिए हैं. SDRF और NDRF जैसी इकाइयों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि आपात स्थिति में त्वरित रेस्क्यू किया जा सके.

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जनता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 92055 59204 जारी किया है. लोग अपने आसपास मौजूद खुले गड्ढों या असुरक्षित स्थलों की फोटो और लोकेशन इस नंबर पर भेज सकते हैं. प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया है, ताकि युवराज जैसा कोई और हादसा दोबारा न हो.

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