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क्रिप्टोकरेंसी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार, 11.49 लाख रुपये बरामद

नोएडा पुलिस ने क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से 11.49 लाख रुपये नकद सहित पीड़ित के दस्तावेज बरामद किए गए हैं. यह गिरोह लोगों को डिजिटल करेंसी में निवेश का झांसा देकर ठगी करता था. पुलिस अब फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है.

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गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी.(Photo: Bhupender Chaudhary/ITG)
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी.(Photo: Bhupender Chaudhary/ITG)

नोएडा के थाना सेक्टर-20 पुलिस ने क्रिप्टोकरेंसी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी और चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों उमेर खान और अनुराग पारासरी को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से 11 लाख 49 हजार 500 रुपये नकद, एक चेकबुक, डेबिट कार्ड और आधार कार्ड बरामद किया गया है. मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं.

पुलिस के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क लोगों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश और लाभ का झांसा देकर ठगी करता था. आरोपी पहले भरोसा जीतते थे और फिर नकद रकम लेकर फरार हो जाते थे. इस मामले में पीड़ित सोनू सिंह को भी इसी तरह झांसे में लिया गया था और उनसे लाखों रुपये की ठगी की गई.

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लोकल इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस ने 19 जून 2026 को कैम्ब्रिज स्कूल सेक्टर-27 के पास सर्विस रोड से दोनों आरोपियों को दबोचा. पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच के बाद की गई है.

ठगी का पूरा तरीका और पुलिस की कार्रवाई

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सोनू सिंह से संपर्क कर उन्हें क्रिप्टोकरेंसी दिलाने का भरोसा दिया था. इसके बदले उनसे 11 लाख 49 हजार 500 रुपये नकद लिए गए. इसके बाद आरोपियों ने उन्हें बातों में उलझाकर उनके जरूरी दस्तावेज और पैसे लेकर फरार हो गए.

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पुलिस ने आरोपियों के पास से पूरी ठगी की रकम बरामद कर ली है. इसके अलावा चेकबुक, डेबिट कार्ड और आधार कार्ड भी जब्त किए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बनाता था और डिजिटल करेंसी के नाम पर ठगी करता था.

एडीसीपी मनीष सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी. उन्होंने कहा कि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि दो अन्य की तलाश जारी है.

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी

पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है. जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है. अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा.

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह किसी बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़ा हुआ है. फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और आगे की जांच जारी है.

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