उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक युवक ने अपने पड़ोस में रहने वाले शख्स पर जानलेवा हमला कर दिया. हमला करने के बाद वह मौके से फरार हो गया. जांच-पड़ताल में किसी और हमलावर का नाम आ रहा था. लेकिन पुलिस की सूझबूझ से केस का खुलासा हो गया. असल हमलावर पकड़ा गया. पूछताछ में पता चला कि घायल हुए शख्स का 'दुश्मन' युवक की मां पर गंदी नजर रखता था, इसलिए उसने इस वारदात को अंजाम दिया ताकि शक की सुई दुश्मन पर जाए और वो बच जाए. आइये जानते हैं पूरी कहानी...
सुरियावां थाना क्षेत्र के कनकपुर (भीखमापुर) में बीते सप्ताह सोते हुए विनोद चौहान पर कुल्हाड़ी और लोहे के एंगल से हमला कर उनका पैर काटने की कोशिश की गई. विनोद का अपने पड़ोसी निजामुद्दीन से पुराना जमीनी विवाद चल रहा था, इसलिए घटना के बाद परिजनों ने सीधे तौर पर निजामुद्दीन पर शक जताया.
हालांकि, पुलिस की तफ्तीश में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. हमलावर करिया उर्फ कलेक्टर था, जिसने निजामुद्दीन को जेल भेजने की साजिश रची थी. करिया इस बात से नाराज था कि निजामुद्दीन उसकी मां पर गलत निगाह रखता है. पुलिस ने मुख्य आरोपी करिया को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है.
दो लोगों की कट्टर दुश्मनी का फायदा उठाने की कोशिश
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी करिया उर्फ कलेक्टर अपनी मां के प्रति निजामुद्दीन के बर्ताव से काफी क्षुब्ध था. वह निजामुद्दीन को सबक सिखाना चाहता था, लेकिन सीधे हमले के बजाय उसने कानूनी जाल में फंसाने की योजना बनाई. उसे पता था कि निजामुद्दीन और विनोद चौहान के बीच जमीन को लेकर कट्टर दुश्मनी है. इसी का फायदा उठाते हुए करिया ने विनोद पर हमला किया ताकि पुलिस बिना सोचे-समझे निजामुद्दीन को गिरफ्तार कर ले.
खौफनाक हमला और पुलिस का खुलासा
वारदात की रात विनोद अपने घर के बाहर बरामदे में सो रहे थे, तभी आरोपी ने धारदार हथियार से उनके पैर पर कई वार किए. घायल विनोद को इलाज के लिए वाराणसी रेफर किया गया. एएसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि शुरुआती शक जमीनी विवाद पर था, लेकिन कड़ियां जोड़ने पर कहानी कुछ और ही निकली. पुलिस ने आरोपी के पास से हमले में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया है.