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UP: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में क्रांति सेना, कलेक्ट्रेट पहुंचकर जांच की मांग की

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर दर्ज मुकदमे के विरोध में मुजफ्फरनगर में क्रांति सेना ने मार्च निकाला और प्रदेश सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा. मंडल अध्यक्ष शरद कपूर ने इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया और आरोप लगाने वाले आशुतोष पांडे को चेतावनी दी. प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी हुई और सरकार पर संतों के अपमान का आरोप लगाया गया.

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 शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में उतरी क्रांति सेना (Photo: ITG)
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में उतरी क्रांति सेना (Photo: ITG)

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर दर्ज मुकदमे के विरोध में हिंदू संगठन सड़कों पर उतर आए. बुधवार को क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं ने शहर में मार्च निकाला और जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदेश सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और मुकदमे को फर्जी बताते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया. उन्होंने आरोप लगाने वाले आशुतोष पांडे उर्फ अश्वनी के खिलाफ भी कड़ी प्रतिक्रिया दी.

क्रांति सेना के मंडल अध्यक्ष शरद कपूर ने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज मुकदमा पूरी तरह फर्जी है. उन्होंने आरोप लगाया कि एक सात्विक संत को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है. उनका कहना था कि भारतीय जनता पार्टी हिंदुत्व के नाम पर सत्ता में आई, लेकिन अब संतों का अपमान कर रही है.

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में सड़कों पर उतरी क्रांति सेना

शरद कपूर ने कहा कि शंकराचार्य लंबे समय से गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने और गौ हत्या पर प्रतिबंध की मांग को लेकर आवाज उठा रहे हैं. इसी कारण सरकार घबराई हुई है और एक शातिर अपराधी का सहारा लेकर उन पर मुकदमा दर्ज कराया गया है. प्रदर्शन के दौरान आशुतोष पांडे को चेतावनी देते हुए कहा गया कि अगर वह अपनी राजनीति से बाज नहीं आए और मुजफ्फरनगर में दिखाई दिए तो क्रांति सेना उनके खिलाफ सार्वजनिक विरोध करेगी.

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जिला मुख्यालय पर मार्च कर प्रदेश सरकार को सौंपा ज्ञापन

शरद कपूर ने यह भी दावा किया कि आशुतोष पांडे पर कांधला थाने में लगभग 27 मुकदमे दर्ज हैं और वह हिस्ट्रीशीटर है. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में शंकराचार्य का स्थान भगवान के समान माना जाता है और उनके अपमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. प्रदर्शन के अंत में कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और फर्जी मुकदमे को वापस लिया जाए

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