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नशे में धुत हेडमास्टर, स्मार्ट क्लास में चले अश्लील गाने, VIDEO वायरल होते ही सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के एक प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि हेडमास्टर स्कूल में नशे की हालत में रहते थे और स्मार्ट क्लास में बच्चों की पढ़ाई के बजाय अश्लील भोजपुरी गाने चलाते थे. वीडियो वायरल होने और जांच में आरोप सही मिलने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है.

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हेडमास्टर साहब बच्चों की टेबल पर आराम फरमा रहे हैं.(Photo: Nahid Ansari/ITG)
हेडमास्टर साहब बच्चों की टेबल पर आराम फरमा रहे हैं.(Photo: Nahid Ansari/ITG)

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. खरेला क्षेत्र के टिकरी प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर रमेश चंद्र पर स्कूल परिसर में नशे की हालत में रहने और बच्चों की पढ़ाई के लिए लगाई गई स्मार्ट क्लास में अश्लील भोजपुरी गाने चलाने के गंभीर आरोप लगे हैं. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया.

बताया जा रहा है कि जिस स्कूल में बच्चों का भविष्य संवरना चाहिए था, वहां का माहौल पूरी तरह बिगड़ चुका था. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक स्कूल परिसर में ही रहते थे और अधिकांश समय शराब के नशे में धुत रहते थे. उनके व्यवहार से छात्र, अभिभावक और गांव के लोग लंबे समय से परेशान थे.

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वायरल वीडियो ने पूरे मामले को सामने ला दिया. वीडियो में प्रधानाध्यापक कथित तौर पर नशे की हालत में क्लासरूम के भीतर बच्चों की टेबल पर लेटे दिखाई दे रहे हैं. वहीं स्मार्ट क्लास की डिजिटल स्क्रीन पर पढ़ाई की जगह फूहड़ और अश्लील भोजपुरी गाने चलते नजर आ रहे हैं.

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अंडरवियर और तौलिया में घूमने के भी आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक रमेश चंद्र स्कूल समय में भी मर्यादित कपड़ों के बजाय केवल अंडरवियर और तौलिया पहनकर स्कूल परिसर में घूमते थे. इससे बच्चों और अभिभावकों में लगातार नाराजगी बनी हुई थी.

अभिभावकों और छात्रों का कहना है कि आरोपी शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाय उनके सामने गाली-गलौज करते थे. इतना ही नहीं, रात के समय स्कूल परिसर में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगता था, जहां कथित तौर पर शराब और मुर्गा पार्टी होती थी.

देखें वीडियो...

कक्षा तीन और चार के छात्रों ने भी आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक उन्हें कभी पढ़ाते नहीं थे. स्कूल में पढ़ाई का माहौल लगभग खत्म हो चुका था और स्मार्ट क्लास का इस्तेमाल भी पढ़ाई के बजाय मनोरंजन के लिए किया जा रहा था.

विरोध करने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी का आरोप

अभिभावक गजेंद्र राठौर ने आरोप लगाया कि जब भी कोई ग्रामीण प्रधानाध्यापक के व्यवहार का विरोध करता था, तो वह अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अत्याचार निवारण कानून के तहत झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते थे.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय की पुरानी ईंटें तक बेच दी गईं. इन आरोपों के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की शिकायत शिक्षा विभाग से की.

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मामले की गंभीरता को देखते हुए खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनी यादव ने विद्यालय पहुंचकर जांच की. जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने का दावा किया गया. अधिकारियों के अनुसार जांच के समय भी प्रधानाध्यापक कथित तौर पर नशे की हालत में मिले.

महोबा

जांच के बाद तत्काल निलंबन

खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट मिलने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल मिश्रा ने तत्काल प्रभाव से प्रधानाध्यापक रमेश चंद्र को निलंबित कर दिया.

शिक्षा विभाग का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी. वायरल वीडियो और ग्रामीणों की शिकायतों के बाद स्कूल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं.

फिलहाल शिक्षा विभाग पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है. वहीं, घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने स्कूल में बेहतर शैक्षणिक माहौल बहाल करने और बच्चों के हित में सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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