उत्तर प्रदेश के लखनऊ में साइबर जालसाजों ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक रिटायर्ड कर्नल की जिंदगी भर की कमाई पर हाथ साफ कर दिया. गोमतीनगर विस्तार निवासी रिटायर्ड कर्नल सुरेंद्र कुमार सिंह को दिसंबर 2025 में एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां उन्हें शेयर ट्रेडिंग के जरिए भारी मुनाफे का लालच दिया गया. शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखा, लेकिन बाद में पूरा मामला साइबर ठगी का निकला.
पीड़ित के अनुसार, 16 दिसंबर 2025 के आसपास उन्हें ‘के-885 स्टॉको टेक ट्रेड यूनिट’ नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल किया गया. इस ग्रुप में करीब 125 सदस्य थे और इसे ‘साउथ एशियन स्टॉक लिमिटेड’ द्वारा संचालित बताया गया. ग्रुप में खुद को कंपनी के एमडी और अधिकारी बताने वाले लोग निवेश की सलाह दे रहे थे और भरोसा जीतने के लिए लगातार मुनाफे के दावे किए जा रहे थे.
जालसाजों के झांसे में आकर कर्नल ने 28 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 के बीच अपने बैंक खाते से 13 लाख रुपये ट्रांसफर किए. इसके बाद 11 जनवरी 2026 को उन्होंने 10.10 लाख रुपये और भेज दिए. कुल मिलाकर 23.10 लाख रुपये यश बैंक के अलग-अलग खातों में जमा कराए गए. जब 12 जनवरी को उन्होंने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो न तो पैसा निकला और न ही ग्रुप के किसी व्यक्ति से संपर्क हो सका.
इसके बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और लखनऊ साइबर क्राइम थाने में एफआईआर कराई गई. इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव के मुताबिक, तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और संबंधित बैंक खातों व आरोपियों की जानकारी खंगाली जा रही है. पुलिस का कहना है कि ठगी में शामिल नेटवर्क की जांच की जा रही है.