उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से आईएसआई (ISI) से जुड़े 4 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है. सभी 4 आरोपी 5 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिए गए हैं. शुरुआती पूछताछ में यूपी एटीएस को कई अहम सुराग सुराग मिले हैं. जानकारी सामने आई है कि चारों लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे के सिग्नल बॉक्स को उड़ाने वाले थे.
गिरफ्तार आरोपियों में मेरठ का रहने वाला साकिब उर्फ डेविल आईएसआई हैंडलर के सीधे संपर्क में था. साकिब को पाकिस्तान में बैठा ISI हैंडलर सीधे फंडिंग करता था. दावा यह भी किया जा रहा है कि शाकिब के जरिए ही गैंग के बाकी 3 सदस्यों की भी फंडिंग होती थी.
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एटीएस ने यह भी दावा किया है कि आरोपियों ने लखनऊ, गाजियाबाद, मेरठ के कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और गाड़ियों के शोरूम के वीडियो और फोटो बनाकर भेजे गए थे. आरोपियों का गैस सिलेंडर से भरे ट्रक, कई गाड़ियों के शोरूम में आगजनी का भी प्लान था.
सिंग्नल जलाकर ट्रेन एक्सीडेंट कराने का भी था प्लान
पाकिस्तान में बैठा आईसीआई हैंडलर गूगल लोकेशन की स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर साकिब को भेजता था और इसके बाद लोकेशन की फोटो वीडियो पाकिस्तानी हैंडलर को भेजी जाती थी. रेलवे सिंगनल बॉक्स को जलाकर ट्रेन ट्रैफिक को बाधित कर ट्रेन एक्सीडेंट कराने का प्लान बनाया था.
पाकिस्तान में बैठा आईएसआई हैंडलर ओसामा बिन लादेन, फर्रुतुल्ला गौरी, कश्मीर मुजाहिदीन, गजवा ए हिंद के नाम पर शाकिब और उसके साथियों को उकसा रहा था. साकिब उर्फ डेविल के सोशल मीडिया पर वायरल असलहों के साथ वीडियो देखकर लोकेश उर्फ पपला और विकास उर्फ रौनक संपर्क में आए थे.
साकिब के साथ अरबाब भी पाकिस्तान में बैठे आईएसआई हैंडलर के संपर्क में आ चुका था. फिलहाल आईएसआई के लिए जासूसी करने वाले सभी चार आरोपियों को यूपी एटीएस रिमांड पर लेगी. स्पेशल कोर्ट में रिमांड को लेकर आज सुनवाई है.