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जनता दर्शन में मिला आवेदन, बच्ची की हैंडराइटिंग के मुरीद हुए कानपुर के डीएम, ऑफिस बुलाकर किया सम्मान

यूपी के कानपुर में एक जमीन विवाद की शिकायत लेकर पहुंचे बुजुर्ग की एप्लीकेशन ने सबका ध्यान खींच लिया. वजह थी उसकी बेहद खूबसूरत लिखावट, जिसे देखकर जिलाधिकारी भी चौंक गए. जब पता चला कि इसे उनकी पोती ने लिखा है, तो डीएम ने बच्ची को बुलाकर सम्मानित किया. कागज पर उकेरी गई लिखावट इतनी सुंदर थी कि पहली नजर में टाइप की हुई लगी.

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दसवीं क्लास में पढ़ाई कर रही है बच्ची. (Photo: ITG)
दसवीं क्लास में पढ़ाई कर रही है बच्ची. (Photo: ITG)

उत्तर प्रदेश के कानपुर में डीएम ऑफिस में जनता दर्शन के दौरान एक अनोखा मामला सामने आया, जिसने हर किसी का ध्यान खींचा. जनता दर्शन में लोग अपनी समस्याओं को लेकर आवेदन देते हैं. इस बार एक आवेदन पत्र अपनी खूबसूरत लिखावट के कारण चर्चा का विषय बन गया. डीएम ने आवेदन देखा तो वे लिखावट से प्रभावित हो गए. उन्होंने उस एप्लिकेशन को लिखने वाली बच्ची को ऑफिस बुलाकर सम्मानित किया.

दरअसल, नरवल क्षेत्र के रहने वाले राम सजीवन अपनी जमीन पर कब्जे की शिकायत लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचे थे. वे अपने साथ एक आवेदन पत्र लेकर आए थे, जिसे देखकर जिलाधिकारी भी हैरान रह गए. आवेदन पत्र की लिखावट इतनी साफ, सुंदर और संतुलित थी कि पहली नजर में ऐसा लगा जैसे इसे कंप्यूटर से टाइप कर प्रिंट किया गया हो.

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जब जिलाधिकारी ने राम सजीवन से पूछा कि यह आवेदन किसने लिखा है, तो उन्होंने बताया कि इसे उनकी पोती शिवानी ने लिखा है. यह सुनकर जिलाधिकारी और भी उत्सुक हो गए और उन्होंने तुरंत शिवानी को ऑफिस बुलाने को कहा.

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कुछ ही समय बाद जब शिवानी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं, तो उनकी प्रतिभा को देख सभी प्रभावित हो गए. जिलाधिकारी ने उनकी लिखावट की जमकर तारीफ की और उन्हें सम्मानित किया. इस दौरान उन्होंने शिवानी को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उनकी यह कला उन्हें आगे बढ़ने में जरूर मदद करेगी.

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शिवानी एक साधारण परिवार से आती हैं और फिलहाल दसवीं क्लास में पढ़ाई कर रही हैं. वह माहेश्वरी दयानंद बब्बू लाल इंटर कॉलेज, उमरी नरवल की छात्रा हैं. शिवानी ने कभी किसी प्रोफेशनल संस्थान से कैलिग्राफी की ट्रेनिंग नहीं ली है. इसके बावजूद उनकी लिखावट इतनी आकर्षक और संतुलित है कि देखने वाला प्रभावित हो जाता है. जनता दर्शन के दौरान मौजूद अन्य लोग भी इस आवेदन पत्र को देखकर हैरान रह गए.

शिवानी ने बताया कि उन्हें बचपन से ही साफ-सुथरा और सुंदर लिखने का शौक है. वे नियमित अभ्यास करती हैं और हर अक्षर को ध्यान से लिखने की कोशिश करती हैं.

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रतिभा किसी बड़े मंच की मोहताज नहीं होती. अगर किसी के अंदर लगन और मेहनत हो, तो वह किसी भी क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि शिवानी जैसे बच्चों को प्रोत्साहन देना जरूरी है, ताकि वे आगे बढ़कर और बेहतर कर सकें.

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