झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र की केके पुरी कॉलोनी में 4 मई को 29 वर्षीय मीनू की ससुराल में संदिग्ध मौत हो गई. मृतका के परिजनों ने पति हिमांशु और ससुराल पक्ष पर गला दबाकर हत्या करने और दहेज मांगने का आरोप लगाया. पुलिस ने 5 मई को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा. श्मशान घाट पर मायके वालों ने कार्रवाई की मांग को लेकर घंटों अंतिम संस्कार रोके रखा. पुलिस द्वारा पति समेत पांच लोगों पर FIR दर्ज करने के बाद ही दाह संस्कार संपन्न हुआ. इसके तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी पति को श्मशान से ही हिरासत में ले लिया.
शादी के दो महीने बाद ही उजड़ा सुहाग
मीनू और हिमांशु की शादी 5 फरवरी 2026 को धूमधाम से हुई थी. लेकिन सुखद दांपत्य जीवन शुरू होने के 60 दिनों के भीतर ही मीनू की जान चली गई. 4 मई को जब उसकी मौत हुई, तो पति हिमांशु ने इसे एक हादसा बताया.
उसका दावा था कि मीनू को अचानक चक्कर आया, वह गिर गई और उसकी मृत्यु हो गई. हालांकि, मायके पक्ष ने इस थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए इसे सोची-समझी हत्या करार दिया है.
श्मशान घाट पर घंटों चला हाई-वोल्टेज ड्रामा
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव श्मशान घाट पहुंचा, तो वहां केवल पति मौजूद था और ससुराल का कोई अन्य सदस्य नहीं दिखा. यह देखकर मायके वाले भड़क गए और उन्होंने अंतिम संस्कार रुकवा दिया. मृतका के भाई नीतेश का आरोप है कि उसकी बहन के शरीर पर चोट के निशान थे और उसका गला दबाया गया था. परिजनों की जिद थी कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती और दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं होती, वे संस्कार नहीं करेंगे.
दहेज के लिए हत्या का गंभीर आरोप
भाई नीतेश ने बताया कि ससुराल वाले काफी समय से रुपयों की मांग कर रहे थे. चार दिन पहले ही मीनू को ससुराल भेजा गया था और अब उसकी लाश मिली। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पति, जेठ, जेठानी, ननद और नंददोई समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस ने श्मशान से पति को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी फरार आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है.