हाथरस के पुलराई गांव में भोले बाबा नामक शख्स के सत्संग में भगदड़ मच गई. हादसे में 107 लोगों की मौत हो गई है. इनमें 27 शव एटा अस्पताल में पहुंचाए गए हैं, जबकि बाकी शवों को हाथरस के सिकंदराराऊ हॉस्पिटल में पहुंचाया गया है. जानकारी के मुताबिक जैसे ही सत्संग खत्म हुआ तो लोग अचानक बाहर की ओर निकले. पास में एक नाला था, लोग एक के ऊपर एक नाले में गिरते चले गए. हादसे के बाद करीब 2 घंटे तक लोग वहीं दबे रहे. अस्पताल में लाशों का ढेर लगा हुआ है.
सत्संग स्थल पर व्यस्थाएं इतनी लचर थीं कि भगदड़ के बाद शवों को अस्पताल पहुंचाने में मशक्कत करनी पड़ी, कोई बाइक पर तो कोई ऑटो में शव रखकर अस्पताल पहुंचा. घटनास्थल की विचलित कर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं. सत्संग स्थल पर हजारों लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है. लोग बसों में भरकर भोले बाबा के सत्संग में शामिल होने आए थे.
पीटीआई के मुताबिक मृतकों और बेहोश लोगों को ट्रकों और अन्य गाड़ियों से सिकंदराराऊ ट्रॉमा सेंटर लाया गया है. शवों को स्वास्थ्य केंद्र के बाहर रखा गया, जबकि लोग उनके चारों ओर जमा हो गए हैं. एक वीडियो में दिख रहा है कि एक महिला ट्रक में पांच से छह शवों के बीच बैठी हुई बिलख रही है. एक तस्वीर में एक पुरुष और एक महिला बेसुध हालत में एक गाड़ी में लेटे हुए थे.
हाथरस में हुए हादसे के बाद जिला प्रशासन ने आम लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर- 05722227041 और 05722227042 जारी किए गए हैं.
सिकंदराराऊ थाने के एसएचओ आशीष कुमार ने बताया कि भगदड़ भीड़भाड़ के कारण हुई. वहीं, आगरा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और अलीगढ़ के संभागीय आयुक्त की टीम घटना की जांच करेगी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य करने के निर्देश दिए. उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की. उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन को घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था करने और उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाने का निर्देश दिया.