
हापुड़ के रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया. मेरठ की फर्म 'मुकुल वेडिंग्स' द्वारा की गई भारी अव्यवस्थाओं को देखते हुए डीएम अभिषेक पांडे ने न सिर्फ कार्यक्रम को निरस्त किया, बल्कि फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दो ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं.
दरअसल, जनपद के समाज कल्याण विभाग की ओर से जनपद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 75 लाख रुपये की कीमत से 517 जोड़ों का सामूहिक विवाह कार्यक्रम संपन्न कराया जाना था. इसके लिए हापुड के रामलीला मैदान को चिन्हित किया गया था.
कार्यक्रम की तैयारी को लेकर सीडीओ हिमांशु गौतम ने निरीक्षण किया, जिसमें उन्हें पंडाल में फटा और खराब टेंट दिखाई दिया. भोजन की क्वालिटी भी बहुत अधिक खराब थी. इस पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए मुकुल वेडिंग्स को नोटिस जारी करते हुए क्वालिटी सुधारने को कहा था.
कार्यक्रम के लिए मेरठ जनपद के मुकुल वेडिंग्स को 75 लाख रुपये में टेंडर दिया गया था. इस फर्म के द्वारा प्रदेश के अन्य जनपदों में भी कार्यक्रम किए गए हैं.

घटिया क्वालिटी के मामले की जानकारी होने पर डीएम ने देर रात में मौके का निरीक्षण करते हुए सख्त नाराजगी जताई और कार्यक्रम को निरस्त करने के आदेश देते हुए मुकुल वेडिंग्स को नोटिस जारी किया गया है. इस कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग की लापरवाही के कारण कार्यक्रम को निरस्त तक करना पड़ा है.
मामले में डीएम अभिषेक पांडे ने बताया कि लापरवाही को देखते हुए फर्म को नोटिस जारी कर दिया गया है. साथ ही निदेशालय को पत्र लिखकर ब्लैकलिस्ट करने को कहते हुए अन्य जगह भी काम न देने के लिए लिखा गया है.

दो ठेकेदार को सरकार ने 75 लाख रुपये का टेंडर दिया है, लेकिन गरीब परिवारों की शादी में बड़े स्तर पर लापरवाही की गई है. जिसके कारण आज होने वाले मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह के कार्यक्रम को रद्द करते हुए आगे बढ़ाया जाएगा.