उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के चरखारी कस्बे में एक अनोखी और यादगार विदाई ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया. यहां एक पिता ने अपनी बहू को घर लाने के लिए पारंपरिक कार या डोली की जगह हेलीकॉप्टर भेजा. जैसे ही कस्बे के डाक बंगला मैदान में हेलीकॉप्टर उतरा, उसे देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. यह दृश्य कस्बे के लोगों के लिए किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था.
चरखारी कस्बे में आमतौर पर होने वाली साधारण विदाई से अलग इस बार आसमान से उड़नखटोला जमीन पर उतरा. पूर्व प्रधान दिनेश कुमार राजपूत की पुत्री आकांक्षा की विदाई के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई थी. हेलीकॉप्टर की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और पूरा मैदान मेले जैसा नजर आने लगा. लोग इस खास पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने के लिए उत्साहित दिखाई दिए.
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हेलीकॉप्टर से विदा हुई दुल्हन
जानकारी के अनुसार, भटेवर कलां के पूर्व प्रधान और सपा नेता दिनेश कुमार राजपूत की बेटी आकांक्षा का विवाह औरैया निवासी व्यापारी सत्येंद्र कुमार के पुत्र निर्वेश राजपूत से हुआ है. इस शादी की सबसे खास बात दुल्हन की विदाई रही. दूल्हे के पिता सत्येंद्र कुमार का सपना था कि उनके घर आने वाली बहू का स्वागत रानी की तरह किया जाए और उसकी विदाई हेलीकॉप्टर से हो.
अपने पिता और दादा की इसी इच्छा को पूरा करने के लिए दूल्हा निर्वेश राजपूत हेलीकॉप्टर लेकर चरखारी पहुंचा. विदाई के समय दुल्हन आकांक्षा के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था. दूल्हा निर्वेश ने बताया कि यह उनके परिवार की पुरानी मंशा थी, जिसे आज पूरा किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद पहली बार हेलीकॉप्टर में बैठे हैं.
अनोखी विदाई बनी पूरे जिले में चर्चा का विषय
दुल्हन के पिता दिनेश कुमार राजपूत भी इस अनोखी विदाई से बेहद खुश नजर आए. उन्होंने इस पहल को खास और यादगार बताया. जैसे ही दूल्हा और दुल्हन हेलीकॉप्टर में सवार होकर आसमान की ओर रवाना हुए, नीचे खड़े लोगों ने हाथ हिलाकर उन्हें विदा किया.
चरखारी जैसे छोटे कस्बे में इस तरह की विदाई ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया. यह अनोखी विदाई अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है. लोगों के बीच यह शादी और हेलीकॉप्टर से हुई विदाई लंबे समय तक यादगार बनी रहेगी, जहां एक परिवार ने अपनी बहू का स्वागत खास अंदाज में करने की परंपरा को नया रूप दिया.