उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में पुलिस ने तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक शातिर गिरोह का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह खुद को ज्योतिषाचार्य और तांत्रिक बताकर लोगों को विश्वास में लेता था और फिर विशेष पूजा-अनुष्ठान के बहाने लाखों रुपये के जेवरात और नकदी ठग लेता था.
पूजा और तांत्रिक अनुष्ठान से समाधान
मामला उस समय सामने आया जब गोंडा नगर के एक सुनार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पीड़ित ने बताया कि उसने एक दैनिक समाचार पत्र के साथ आए पर्चे में अपनी समस्याओं के समाधान का दावा करने वाले 'शिव शक्ति ज्योतिष एवं आध्यात्मिक अनुसंधान केंद्र' का विज्ञापन देखा था. दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के बाद उसे कार्यालय बुलाया गया, जहां मौजूद लोगों ने विशेष पूजा और तांत्रिक अनुष्ठान कराने का भरोसा दिलाया.
कलश में काला सांप दिखाया
पीड़ित के मुताबिक करीब 42 दिनों तक पूजा-पाठ चलता रहा. इसके बाद आरोपियों ने उसके घर पर भी अनुष्ठान शुरू किया. पूजा के नाम पर घर और दुकान से लगभग 750 ग्राम सोने के जेवरात, 750 ग्राम चांदी और अन्य कीमती सामान एक स्टील के डिब्बे में रखवाया गया. इसी दौरान कथित रूप से कलश में काला सांप दिखाकर परिवार को डराया गया और देवता के नाराज होने की बात कहकर सभी को कमरे से बाहर भेज दिया गया.
'21 दिन तक पूजाघर मत खोलना'
आरोपियों ने बाद में प्रयाग में विशेष पूजा कराने की बात कहकर दो लाख रुपये भी ले लिए और परिवार को 21 दिन तक पूजा स्थल न खोलने की हिदायत देकर फरार हो गए. काफी समय तक वापस न लौटने और फोन बंद मिलने पर परिवार को शक हुआ. जब कमरे का ताला खोला गया तो वहां रखे सारे जेवरात और नकदी गायब मिले.
गिरोह ने कबूला ठगी का सच
अपर पुलिस अधीक्षक अजीत कुमार रजक ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया. इनके कब्जे से करीब दो लाख रुपये नकद, भारी मात्रा में पीली और सफेद धातु के आभूषण, फर्जी चुनाव पहचान पत्र, मोबाइल फोन और फर्जी नंबर प्लेट लगी कार बरामद की गई है.
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे अलग-अलग जिलों में पंपलेट बांटकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे. पुलिस के अनुसार गिरोह ने गोंडा और बहराइच समेत कई जिलों में लोगों को निशाना बनाया है. फिलहाल सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है और पुलिस अन्य मामलों की भी जांच कर रही है.