यूपी की गाजीपुर पुलिस ने होटल व्यवसायी विनीत राय की हत्या के पांचवें दिन एक बड़ी कामयाबी हासिल की. नामजद चार आरोपियों में शामिल एक लाख रुपये के इनामी बदमाश कमलेश चौधरी बिंद को मुठभेड़ में मार गिराया. इस जवाबी कार्रवाई के दौरान एक पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुआ है, जिसका अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है. एनकाउंटर के बाद मृतक व्यवसायी के पिता आलोक राय ने 'आज तक' से बातचीत में पुलिस की इस कार्रवाई का पूरी तरह समर्थन किया. पिता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जिले के व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और फरार चल रहे गैंग सरगना शंकर पांडे के पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने की भावुक अपील की है.
एनकाउंटर के बाद भी सता रहा डर
मुठभेड़ की खबर के बाद मृतक विनीत के पिता आलोक राय ने पुलिस प्रशासन की अब तक की कार्रवाई पर संतोष तो जताया, लेकिन उनका दर्द भी छलक उठा. आलोक राय ने दो-टूक कहा कि केवल एक आरोपी के मारे जाने से उनके परिवार पर मंडरा रहा खतरा समाप्त नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि जब तक कटरा गैंग के मुख्य सरगना शंकर पांडे और उसके पूरे खूंखार गिरोह के खिलाफ पुलिस कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं करती, तब तक अपराध का यह खतरा लगातार बना रहेगा.
फरार अपराधियों पर चलें बुलडोजर
आलोक राय ने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपराध नियंत्रण नीति का हवाला देते हुए मांग की कि फरार चल रहे अपराधियों और उनके पूरे आर्थिक नेटवर्क पर बुलडोजर जैसी कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए. सरकार और पुलिस की पहचान हमेशा से कानून का राज स्थापित करने की रही है, इसलिए इस जघन्य मामले में भी अपराधियों के साथ उसी सख्ती की अपेक्षा है. उन्होंने आरोप लगाया कि शंकर पांडे और कमलेश बिंद वर्ष 2020-21 से ही संगठित गिरोह बनाकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे.
तीन महीने के मासूम के सिर से उठा साया
बातचीत के दौरान आलोक राय अपने बेटे को याद कर बेहद भावुक हो गए. उन्होंने रुंधे गले से बताया कि उनके परिवार में दो बेटे थे, जिनमें से विनीत की शादी एक वर्ष पूर्व ही हुई थी और उसका महज तीन महीने का एक छोटा सा बेटा है. एक बूढ़े पिता ने कहा कि उनके लिए इससे अधिक दर्दनाक क्षण कोई नहीं हो सकता कि एक छोटे से बेटे ने अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया. बेटे की असमय मौत से विनीत की पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है और तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों की टीम उनकी देखभाल कर रही है.
संगठित अपराध के सफाये की मांग
पीड़ित पिता ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस इन अपराधियों की गतिविधियों पर समय रहते गंभीरता से निगरानी रखती, तो आज उनके मासूम बेटे की जान बचाई जा सकती थी. उन्होंने गाजीपुर पुलिस से पुरजोर मांग की है कि कटरा गैंग का पूरी तरह से सफाया किया जाए. जिले से जब तक संगठित अपराध का खात्मा नहीं होगा, तब तक स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों के मन में सुरक्षा का असली भरोसा कायम होना मुमकिन नहीं है.