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UP: चाऊमीन खाने के लिए 5वीं के छात्रों ने किया ऐसा काम, परिवार के साथ पुलिस भी रह गई हैरान, फिल्मी है पूरी कहानी

छात्रों ने बताया कि वो औरैया से फिरोजाबाद चाऊमीन खाने गए थे. करीब 150 किमी दूर फिरोजाबाद जाने के लिए छात्रों ने पूरी प्लानिंग कर रखी थी. चाऊमीन और बिस्किट, नमकीन आदि खाने और घूमने-फिरने के बाद वो खुद से वापस घर की ओर निकल पड़े.

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औरैया: चाऊमीन के लिए छात्रों ने की 150 किमी की यात्रा
औरैया: चाऊमीन के लिए छात्रों ने की 150 किमी की यात्रा

उत्तर प्रदेश के औरैया में 5वीं कक्षा में पढ़ने चार नाबालिग छात्रों ने ऐसा काम किया कि परिवार समेत पुलिसवाले भी हैरान रह गए. दरअसल, चारों छात्र बिना बताए स्कूल से गायब हो गए. जब छुट्टी के बाद भी वो घर नहीं पहुंचे तो उनकी खोजबीन शुरू हुई. काफी खोजने के बाद भी उनका कहीं पता नहीं चल सका. ऐसे में घबराए घरवालों ने पुलिस को सूचना दी. 

उधर, चार बच्चों के एक साथ गायब होने से पुलिस भी सकते में आ गई. जिसके बाद औरैया पुलिस शिद्दत से बच्चों की तलाश में जुट गई. इधर घरवाले परेशान हो रहे थे. समय बीतने के साथ उनके दिल की धड़कनें बढ़ती जा रही थीं. लेकिन कहानी में मोड़ अगले दिन आया, जब चारों बच्चे सही सलामत अपने-अपने घर पहुंच गए. पूछने पर उन्होंने जो जवाब दिया उसने सभी को चौंका दिया. 

औरैया से फिरोजाबाद चाऊमीन खाने गए थे 

दरअसल, छात्रों ने बताया कि वो औरैया से फिरोजाबाद चाऊमीन खाने गए थे. करीब 150 किमी दूर फिरोजाबाद जाने के लिए छात्रों ने पूरी प्लानिंग कर रखी थी. चाऊमीन और बिस्किट, नमकीन आदि खाने और घूमने-फिरने के बाद वो खुद से वापस घर की ओर निकल पड़े. घर से कुछ ही दूरी पर टोल प्लाजा के पास बस से पहुंचने पर पुलिस ने उन्हें बरामद कर लिया. 

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चाऊमीन के लिए फिरोजाबाद गए छात्रों की उम्र महज 11 वर्ष के आसपास है. उनके नाम इस प्रकार हैं- शंकर, अरुण, रितिक और अभिषेक. पूरी प्लानिंग अरुण ने बनाई थी. इसके लिए सबने पैसे जोड़े और फिर स्कूल के बाहर से ट्रक पकड़कर फिरोजाबाद निकल गए. वहां उन्होंने जी भर के चाऊमीन खाई, घूमे-फिरे और फिर घर की याद आने पर वापस चल दिए.  

छात्र शंकर संग उसके पिता और भाई

पूरी घटना औरैया जिले के अजीतमल के मुड़ैना रूपशाह गांव की है, जहां पर शंकर, अरुण, रितिक और अभिषेक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते हैं. ये बच्चे बीते 6 मार्च को स्कूल की छुट्टी होने के बाद घर जाने के बजाय फिरोजाबाद निकल गए थे. पुलिस और घरवाले उनकी तलाश में जुटे हुए थे, तभी चारों बच्चे सुबह (7 मार्च) बस से अपने घर पहुंच गए.

पैसे जोड़कर प्लान बनाया 

पूछताछ में पता चला कि अरुण कुछ समय पहले फिरोजाबाद अपनी मौसी के यहां गया था. वहां उसने टेस्टी चाऊमीन खाई थी. जब ये बात उसने दोस्तों को बताई तो वो भी चलने के लिए आतुर हो गए. इसके लिए सबने पैसे जोड़ने शुरू कर दिए. और आखिरकार, 6 मार्च को पूरी प्लानिंग के तहत चारों स्कूल से औरैया से फिरोजाबाद निकल गए.  

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पहले छात्रों ने ट्रक वाले से लिफ्ट मांगी. फिर फिरोजाबाद पहुंचने के बाद मनपसंद चाऊमीन खाई. लेकिन वापसी में बस टिकट के लिए पैसे कम पड़ गए. ऐसे में उन्होंने 'बिना टिकट यात्रा' का विकल्प चुना. उनकी बातें सुनकर बस कंडक्टर ने भी उन्हें नीचे नहीं उतारा. बल्कि, बस में बैठाने के बाद पुलिस को सूचित कर दिया ताकि वो अपने घर तक पहुंच जाएं. 

जैसे ही बस औरैया के टोल पर पहुंची पुलिस ने चारों छात्रों को बरामद कर लिया और घरवालों को सौंप दिया. फिलहाल, घरवाले अपने-अपने बच्चों को पाकर बेहद खुश हैं. फिलहाल, बच्चों की ये कहानी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. 

छात्रों ने क्या बताया?

छात्र अभिषेक ने बताया कि शंकर ने आलू बेचकर करीब 400 रुपये जोड़े थे. हमने 100 रुपये का बैट-बॉल भी बेच दिया था. फिर बिना बताए फिरोजाबाद चले गए. वहां पर चाऊमीन व बिस्किट खाया और बस में बैठकर वापस आ गए. 

वहीं, छात्र शंकर के पिता ने बताया बच्चे घर से बिना बताए चले गए थे. हम लोगों ने काफी तलाश किया फिर पुलिस को सूचना दी. तभी बच्चे तड़के वापस आ गए. हम लोग काफी खुश हैं. 

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