आज़ाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद को पुलिस ने मेरठ जाने के दौरान रास्ते में ही रूहाना टोल प्लाजा पर रोक दिया. यह कार्रवाई कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर की गई. चंद्रशेखर आज़ाद मेरठ के टीपी नगर में हुई बीए की छात्रा ललिता गौतम की हत्या के पीड़ित परिवार से मिलने और कलेक्ट्रेट प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रताड़ना का शिकार हुए लोगों से मिलने वहां जा रहे थे. इस दौरान टोल प्लाजा पर इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह द्वारा रोके जाने और कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर गाली देने की बात पर सांसद बेहद नाराज हो गए और उनकी पुलिस से सीधी झड़प हो गई.
टोल प्लाजा पर पुलिस से सीधे भिड़े चंद्रशेखर
रूहाना टोल प्लाजा पर रोके जाने के बाद चंद्रशेखर आज़ाद गाड़ी से नीचे उतरकर इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह पर बिफर पड़े. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के मुताबिक, चंद्रशेखर ने इंस्पेक्टर से कहा कि वे कर्मचारी हैं, मालिक नहीं और यह लोकतंत्र है.
जब इंस्पेक्टर ने हाथ जोड़कर कहा कि वह अधिकारियों के आदेश पर ड्यूटी कर रहे हैं, तो चंद्रशेखर ने कार्यकर्ताओं को गाली देने पर आपत्ति जताई. इस बीच उनके समर्थकों ने भी वहां जमकर नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया.
'चोरी-छिपे नहीं, डंके की चोट पर मेरठ जा रहा हूं'
विवाद शांत होने के बाद चंद्रशेखर आज़ाद ने मीडिया के सामने डंके की चोट पर मेरठ जाने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि वह कोई चोरी-छिपे नहीं जा रहे हैं. लोकतांत्रिक और संवैधानिक देश में मेरठ के भीतर जो कुछ भी हुआ, वह अच्छा नहीं है. उन्होंने एसएसपी अविनाश पांडेय का बिना नाम नाम लिये कहा कि जब इतने बड़े पदों पर बैठे अधिकारी इस तरह का अमर्यादित व्यवहार करेंगे, तो जनता के मन में डर पैदा होना बिल्कुल लाजमी है.

SSP के व्यवहार पर उठाए सवाल
चंद्रशेखर आज़ाद ने किसान नेता राकेश टिकैत के बयानों का समर्थन करते हुए मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे के व्यवहार को अमर्यादित बताया. उन्होंने कहा कि अगर नारेबाजी से डरकर अधिकारी थप्पड़ बजाने लगे, तो कल वो गोली भी चला सकते हैं. उन्होंने युवाओं से पुलिस प्रताड़ना के खिलाफ आत्महत्या न करने और संघर्ष करने की अपील की. चंद्रशेखर ने कहा कि वह मेरठ जाकर डीएम और एसएसपी से खुद मिलकर इस दमनकारी व्यवहार का कारण पूछेंगे.