उत्तर प्रदेश के महोबा जिले की खोया मंडी में 25 फरवरी की रात 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला किरन पुरवार की उनके घर में हत्या कर दी गई. पैरालिसिस की मरीज किरन की हत्या उनकी पुरानी नौकरानी आशा रैकवार ने अपने 27 वर्षीय बेटे सोनू के साथ मिलकर तकिए से मुंह दबाकर की. वारदात के समय मृतका के पति संतोष पुरवार अपनी किराने की दुकान पर थे.
पुलिस को घटनास्थल से कांच की चूड़ी का एक टुकड़ा मिला, जिसका मिलान नौकरानी की चूड़ियों से होने पर इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा हुआ. आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से वारदात को लूट का रूप देने के लिए मृतका के कान के टॉप्स भी निकाल लिए थे.
अपमान का बदला लेने के लिए रची साजिश
सीओ अरुण कुमार सिंह के अनुसार, मृतका किरन पुरवार अपनी बीमारी के कारण पूरी तरह नौकरानी आशा पर निर्भर थीं. पूछताछ में सामने आया कि किरन अक्सर काम में लापरवाही होने पर आशा को टोकती थीं और कभी-कभी भद्दे शब्दों या गालियों का इस्तेमाल करती थीं.
बार-बार होने वाले इस अपमान से क्षुब्ध होकर आशा ने अपने बेटे सोनू के साथ मिलकर किरन को रास्ते से हटाने का मन बना लिया. 25 फरवरी की रात जब घर में कोई नहीं था, तब दोनों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया.
फोरेंसिक साक्ष्य और पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी प्रबल प्रताप सिंह ने सर्विलांस, एसओजी और फोरेंसिक समेत चार टीमों का गठन किया था. शुरुआती जांच में यह मामला लूट का लग रहा था, लेकिन मौके पर मिली टूटी हुई चूड़ी ने पूरी कहानी बदल दी. जब पुलिस ने शक के आधार पर नौकरानी से कड़ी पूछताछ की और चूड़ी के टुकड़े का मिलान किया, तो वह हूबहू मेल खा गया. इसके बाद पुलिस ने आरोपी मां-बेटे को गिरफ्तार कर लिया. दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है और उन्हें जेल भेज दिया गया है.