यूपी में बिजनौर के थाना किरतपुर क्षेत्र में वाहन में आग लगाकर माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले आरोपी को पुलिस ने पकड़ा है. आरोपी के पास से घटना से संबंधित मोबाइल भी बरामद किया गया है, जिसमें कई अहम डिजिटल सबूत मिले हैं.
पुलिस का कहना है कि 10 मार्च 2026 को थाना किरतपुर में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 4 मार्च की रात उसकी पिकअप गाड़ी में किसी अज्ञात व्यक्ति ने पेट्रोल डालकर आग लगा दी. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर आरोपी की पहचान अबुजर शमीम राईन पुत्र शमीम अहमद निवासी मोहल्ला अफगनानान कस्बा किरतपुर के रूप में हुई. इसके बाद पुलिस ने 12 मार्च को उसे गिरफ्तार कर लिया.

पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासा किया, उसने पुलिस को भी चौंका दिया. आरोपी ने बताया कि वह हरियाणा के गुरुग्राम में एक सैलून पर काम करता है. बीमारी और आर्थिक तंगी के कारण उसने अपने रिश्तेदार जैद से आर्थिक मदद मांगी थी. जैद फिलहाल महाराष्ट्र के पनवेल में नाई का काम करता है.
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आरोपी के मुताबिक, जैद ने टेलीग्राम ऐप के जरिए उसकी बातचीत अबूबकर नाम के एक व्यक्ति से कराई. आरोप है कि उसी व्यक्ति ने उसे एक खास समुदाय की गाड़ियों को निशाना बनाने के लिए उकसाया और इसके बदले पैसे देने का लालच दिया.
इसके बाद आरोपी ने 4 मार्च की रात करीब 10:15 बजे कस्बा किरतपुर के मोहल्ला झंडा में मंदिर के सामने खड़ी एक पिकअप गाड़ी को निशाना बनाया. गाड़ी पर धार्मिक शब्द लिखे हुए थे. आरोपी ने उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी और पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल से बना लिया.
बताया जा रहा है कि आरोपी ने घटना का वीडियो टेलीग्राम के माध्यम से अपने रिश्तेदार जैद को भेज दिया और अगले ही दिन वापस गुरुग्राम चला गया.
पूछताछ में सामने आई ये कहानी
आरोपी ने पूछताछ में यह भी कबूल किया है कि इस घटना को अंजाम देने के बाद वह आगे भी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में था. 12 मार्च को जब वह गुरुग्राम से वापस किरतपुर आया और झील की ओर जा रहा था, उसी दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने आरोपी के पास से उसका मोबाइल बरामद किया है, जिसमें घटना से जुड़े वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं. इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.
फिलहाल पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि टेलीग्राम के जरिए आरोपी को उकसाने वाले लोगों का नेटवर्क कितना बड़ा है और क्या इसके पीछे कोई संगठित साजिश है. मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.