उत्तर प्रदेश के बांदा में भीषण गर्मी के बीच देर रात मौसम ने अचानक करवट ले ली. तेज बारिश, भयंकर आंधी-तूफान और बिजली की तेज कड़क-गरज के साथ हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन तूफान ने जिलेभर में भारी तबाही मचा दी. लगातार 48 डिग्री तापमान से जूझ रहे लोगों को राहत तो मिली, लेकिन तेज हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया.
दरअसल, आंधी-तूफान इतना तेज था कि कई मुख्य मार्गों पर पेड़ गिर गए, जिससे आवागमन बाधित हो गया. कई जगह बिजली के पोल उखड़ गए और पेड़ों के गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई. हालात ऐसे रहे कि लोगों के घरों में लगे सोलर पैनल तक हवा में उड़ गए. सड़क किनारे बनी झुग्गी-झोपड़ियां भी तेज तूफान में क्षतिग्रस्त हो गईं.
यह भी पढ़ें: उत्तर भारत में आसमान से बरस रही आग! बांदा में 47.4 डिग्री तापमान, कई शहरों में हीटवेव का अलर्ट
मौसम विभाग और जिला प्रशासन ने पहले ही देर शाम तेज आंधी-तूफान और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया था. इसके बावजूद रात में आए तूफान ने कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया. विभागीय टीमें सड़कों से पेड़ हटाने और बिजली व्यवस्था बहाल करने में जुटी रहीं.
आंधी-तूफान में दो लोगों की मौत
प्रशासन के मुताबिक बबेरू तहसील के मऊ गांव निवासी कैलाश (60) के ऊपर आंधी के दौरान दीवार गिर गई, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी भेज दिया है. एसडीएम ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है. प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं.
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
एडीएम वित्त एवं राजस्व कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद पहले ही अलर्ट जारी कर दिया गया था. उन्होंने जिलेवासियों से सतर्क रहने और किसी भी समस्या की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की है.
उन्होंने बताया कि जहां-जहां पेड़ गिरे हैं, वहां रास्ते खुलवाने का काम किया जा रहा है. बिजली आपूर्ति भी दुरुस्त कराई जा रही है. राजस्व और आपदा विभाग की टीमें फील्ड में मौजूद हैं और हालात पर नजर रखी जा रही है.