अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के छात्र संघ परिसर में आयतुल्ला अली खामेनेई के लिए मुस्लिम समुदाय ने जनाजा अदा किया. इस दौरान सुरक्षा कड़ी रखी गई थी. समारोह में उपस्थित लोगों ने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह मौन न रहकर खामेनेई के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करे.
आयतुल्ला खामेनेई की मौत संयुक्त अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के पहले दिन हुई थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस हमले और खामेनेई की मौत की पुष्टि की है. 86 वर्षीय खामेनेई तीन दशकों तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे.
अलीगढ़ में मुस्लिम समुदाय ने अदा किया जनाजा
विश्वभर में खामेनेई की मौत के बाद शिया समुदाय में शोक और आक्रोश फैल गया. कई देशों में बड़े पैमाने पर विरोध और शोक सभा आयोजित की गई. अलीगढ़ में भी समुदाय ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और शांति बनाए रखने का संदेश दिया.
अलीगढ़ के जनाजा कार्यक्रम में समुदाय के सदस्य, छात्र और स्थानीय लोग शामिल हुए. वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत सरकार को अंतरराष्ट्रीय संवेदनाओं का सम्मान करते हुए खामेनेई के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करनी चाहिए.
शिया समुदाय में शोक और आक्रोश का माहौल
इस अवसर पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और निगरानी पर विशेष ध्यान रखा गया. स्थानीय प्रशासन ने कहा कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के लॉन में आयोजित इस जनाजा ने शहर में शिया समुदाय के लोगों के बीच खामेनेई के प्रति सम्मान और शोक व्यक्त किया.