Noida International Airport: जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने सोमवार, 15 जून से कमर्शियल फ्लाइट्स शुरू कर दी हैं. नोएडा एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए गेम चेंजर साबित होगा. यह एयरपोर्ट दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनस एयरपोर्ट (IGI) की भीड़ को कम करेगा और आसपास के इलाकों के लोगों के लिए उड़ान को बहुत आसान बना देगा.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) पर सोमवार को पहली फ्लाइट उतरी. इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट लखनऊ से आई. इसके कुछ देर बाद पहली उड़ान भी लखनऊ के लिए गई. इंडिगो की फ्लाइट 6E 2278 सुबह 7:12 बजे लखनऊ से रवाना हुई और सुबह 7:58 बजे जेवर एयरपोर्ट पर लैंड हुई. वहीं, पहली उड़ान सुबह करीब 8:10 बजे लखनऊ के लिए रवाना हुई. जिसमें जेवर इलाके के 172 वो लोग सवार थे, जिनकी जमीन एयरपोर्ट बनाने के लिए ली गई थी.
जेवर में बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एशिया के बड़े एयरपोर्ट्स में से एक है, जो पहले चरण में सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को हैंडल कर सकता है. आइए जानते हैं जेवर एयरपोर्ट पर क्या सुविधाएं हैं और किन इलाकों के लोगों को फायदा होगा.
जेवर एयरपोर्ट को पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस और यात्री-अनुकूल बनाया गया है. यात्रियों को यहां लंबी कतारों से छुटकारा मिलेगा. सेल्फ चेक-इन कियोस्क, ऑटोमेटेड बैगेज ड्रॉप, डिजी यात्रा (फेस स्कैनिंग) और ई-गेट्स की सुविधा है. जिससे पार्किंग से गेट तक जाने में कम समय लगेगा और आसानी से पहुंचा जा सकेगा.
स्पेशियस लाउंज, प्रीमियम लाउंज, ड्यूटी-फ्री शॉपिंग, रेस्टोरेंट, कैफे और फूड कोर्ट समेत तमाम सुविधाओं के साथ आरामदायक टर्मिनल बनाए गए हैं. स्लीपिंग पॉड्स भी हैं जहां थोड़े पैसे में आराम किया जा सकता है. अन्य सुविधाओं की बात की जाए तो मेडिकल हेल्प, प्रेयर रूम, बच्चों के लिए प्ले एरिया, हाई-स्पीड वाई-फाई, EV चार्जिंग और अच्छा कार्गो टर्मिनल है.
कनेक्टिविटी की बात करें तो यमुना एक्सप्रेसवे से सीधा लिंक है. टैक्सी, ऐप-बेस्ड कैब, बस सर्विस और मल्टी-लेवल पार्किंग की सुविधा है. भविष्य में मेट्रो और RRTS भी जुड़ेंगे. नोएडा एयरपोर्ट भारत का पहला नेट-जीरो एमिशन एयरपोर्ट है. जहां सोलर पावर, रेनवाटर हार्वेस्टिंग और एनर्जी सेविंग डिजाइन है.
जेवर एयरपोर्ट मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए वरदान साबित होगा. यमुना एक्सप्रेसवे और आसपास के इलाकों से कनेक्टिविटी की वजह से ग्रेटर नोएडा, नोएडा, गौतम बुद्ध नगर से आसानी से 30 से 45 मिनट में पहुंच सकेंगे.
वहीं, दिल्ली (दक्षिण और पूर्वी हिस्से), फरीदाबाद, गुरुग्राम के लोग नई एक्सप्रेसवे लिंक से आसानी से पहुंच सकते हैं. इसके अलावा यूपी के अलीगढ़, मथुरा, आगरा और हरियाणा के पलवल के बिजनेस के लिए भी फायदेमंद है. गाजियाबाद, मेरठ और आसपास से बेहतर कनेक्टिविटी है. जिससे दिल्ली एयरपोर्ट की भीड़ कम होगी और पूरे एनसीआर को राहत मिलेगी.
बता दें कि पहली कमर्शियल फ्लाइट 15 जून 2026 से इंडिगो जैसी एयरलाइंस से लखनऊ, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई जैसी जगहों के लिए शुरू हुई हैं. जेवर एयरपोर्ट सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि पूरे एनसीआर के विकास का इंजन है. अगर आप नोएडा, ग्रेटर नोएडा या आसपास रहते हैं तो अब उड़ान भरना पहले से कहीं ज्यादा आसान और सुविधाजनक हो गया है.
इस दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि हम चाहते हैं कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिर्फ उड़ानों का हब न बने, बल्कि एयरोट्रोपोलिस बने. इसके आसपास कई उद्योग लगें, रोजगार बढ़े और देश-विदेश के लिए मजबूत आर्थिक केंद्र बने. वहीं, इंडिगो के चीफ स्ट्रैटजी ऑफिसर अलोक सिंह ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट भारत की एविएशन कहानी में नया अध्याय है.